बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दूसरे चरण में 1.60 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में 112.14 करोड़ रुपये की राहत राशि भेजी है। प्रत्येक परिवार को डीबीटी के माध्यम से 7,000 रुपये दिए गए। अब तक 10.37 लाख परिवारों को 726.17 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज द्वितीय चरण में एक लाख 60 हजार 201 बाढ़ पीड़ित परिवारों के खातों में 112.14 करोड़ रुपये की राहत राशि डाली है। यह राशि 7 हजार रुपये प्रति परिवार की दर से डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। प्रथम चरण में 15 सितंबर 2026 को 8 लाख 77 हजार 190 परिवारों को 614.03 करोड़ रुपये दिए गए थे।
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अब तक कुल 10 लाख 37 हजार 391 बाढ़ पीड़ित परिवारों को 726.17 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्य बेहतर ढंग से किए गए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वंचित पात्र परिवारों को चिह्नित कर सहायता उपलब्ध कराएं। कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए भी घोषणा की।
फसल क्षति हेतु कृषि इनपुट अनुदान की राशि 14 अक्तूबर को दशहरा से पहले उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की मरम्मत का निर्देश दिया। यह कार्य दिवाली से पहले प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना है। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया।
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राहत और पुनर्स्थापन के निर्देश
भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्यवासियों को दशहरा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कामना की कि सभी परिवार खुशहाल रहें, बिहार समृद्ध बने और देश विकसित हो।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव उपस्थित थे। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी शामिल थे। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित अन्य सचिव भी उपस्थित थे। सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।