बिहार में मानसून कहर बनकर बरस रही है और जगह-जगह आई बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस मानसून में अब तक उत्तर बिहार के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बारिश ने सुपौल, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, अररिया, पूर्णिया और भागलपुर जिले के 13 प्रखंडों सहित दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। खबरों के मुताबिक बाढ़ में डूबने से अब तक तीन बच्चे समेत 9 लोगों के मौत हो गई है। बाढ़ के मद्देनजर सीतामढ़ी में डीएम ने जिले के सभी सरकारी और गैरसरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं बागमती, कमला समेत अधवारा समूह की नदियां उफान पर हैं। यह सब नेपाल में भारी बारिश और वहां की पहाड़ी नदियों में पानी की मात्रा बढ़ जाने की वजह से हुआ। नेपाल की सीमा से सटे क्षेत्रों में बांधें टूट गई हैं और नदियों में उफान की वजह से कई घरों में पानी घुस गया है। जिससे लोग बेबस और लाचार हो गए हैं और सरकार से बचाव की गुहार लगा रहे हैं।
वहीं सरकार ने भी माना है कि बिहार के छह जिलों में बाढ़ का प्रकोप जारी है। इसमें किशनगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, पूर्वी चंपारण और शिवहर शामिल हैं। गोपालगंज में भारी बारिश से दो मंजिला मकान गिर गया। हालांकि इस घटना में घर के लोग बच गए लेकिन लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है और हजारों हेक्टेयर खेत में लगी फसलें डूब गई हैं। बाढ़ के कोहराम के बीच लोग स्कूल और ऊंची इमारतों पर पनाह ले रहे हैं। इने सबके बीच बड़ी संख्या में लोगों के पलायन की भी खबर हैं।