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Bihar Election Results 2020: भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी तो घटेगा नीतीश का कद?

Tue, 10 Nov 2020 07:57 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। - फोटो : PTI
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बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के लिए मतगणना जारी है। अब तक के रुझान के मुताबिक, एनडीए के खाते में 126 सीटें जाती नजर आ रही हैं और भाजपा-जदयू गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाता नजर आ रहा है। वहीं, महागठबंधन 107 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, लेकिन अभी करीब 1.75 करोड़ वोटों की गिनती होनी बाकी है। ऐसे में चुनाव के नतीजों के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। फिलहाल, बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और 72 सीटों पर आगे चल रही है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि अगर नतीजों में भी भाजपा की कामयाबी बरकरार रही तो क्या सरकार में नीतीश कुमार का कद घटेगा?
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क्या बरकरार रहेगी 'बड़े भाई' की भूमिका?
गौरतलब है कि बिहार में भाजपा जदयू को बड़े भाई की भूमिका में मानती है। इसका अंदाजा सीटों के बंटवारे के दौरान भी लगाया गया था। दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार जदयू ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि भाजपा ने 121 सीटों पर ताल ठोंकी थी। महज एक सीट के इस अंतर के चलते ही बिहार में यह संदेश गया कि भाजपा जदयू को उसी तरह बड़ा भाई मानती है, जैसे पिछले साल तक महाराष्ट्र में शिवसेना से रिश्ता निभाती थी। हालांकि, इस मसले पर भाजपा के दिग्गज नेता शाहनवाज हुसैन कई बार कह चुके हैं कि बिहार में भाजपा-जदयू जुड़वा भाई हैं। यहां कोई बड़ा-छोटा भाई नहीं है। 

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भाजपा नेताओं ने की अपने सीएम की मांग
शाहनवाज हुसैन जैसे दिग्गज नेता भले ही भाजपा-जदयू को जुड़वा भाई बता रहे हों, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस बार विधानसभा चुनाव के नतीजों से दोनों पार्टियों के रिश्तों में बदलाव आ सकता है। दरअसल, भाजपा के कुछ नेता चुनाव से पहले ही जदयू के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने उस वक्त भी भाजपा के मुख्यमंत्री प्रत्याशी की मांग की थी। अब रुझान में भाजपा को ज्यादा सीटें मिलते देखकर नेताओं ने एक बार फिर नीतीश की जगह अपना सीएम बनाने की मांग की है। 

क्या घटेगा नीतीश कुमार का कद?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में जदयू के मुकाबले भाजपा ज्यादा सीटें जीतती है तो पार्टी के नेता विरोध तेज कर सकते हैं। अगर उनकी मांग भाजपा नहीं मानती है तो वे उसी तरह बगावत कर सकते हैं, जैसे कुछ नेताओं ने चुनाव से पहले तेवर दिखाए और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि, अब तक के रुझान देखने के बाद भी भाजपा के दिग्गज नेता लगातार नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाने की बात कह रहे हैं, चाहे नतीजा कुछ भी क्यों न हो? अब देखना यह होगा कि भाजपा नतीजों के बाद भी अपने इसी रुख पर कायम रहती है या नहीं? वहीं, सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार पर ज्यादा सीटें होने का दबाव तो नहीं बनाती।
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बिहार में यह है अब तक का रुझान
आपको बता दें कि बिहार में सभी 243 सीटों पर रुझान आ चुके हैं। अब तक एनडीए 121 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, महागठबंधन 114 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि अन्य दलों के पास 8 सीटों पर बढ़त है। अगर पार्टी वाइज सीटें देखें तो भाजपा 72 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि जदयू की झोली में 41 सीटें जाती नजर आ रही हैं। उधर, राजद 76 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है और कांग्रेस 20 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। हालांकि, वामपंथी दलों ने शानदार प्रदर्शन किया है और उन्होंने 18 सीटों पर बढ़त बना रखी है।
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