इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 2 करोड़, 35 लाख 54 हजार 71 मतदाता करेंगे। इनमें 1 करोड़ 23 लाख 46 हजार 799 पुरुष मतदाता और 1 करोड़ 12 लाख 6378 महिला मतदाता शामिल हैं। इस बार 33782 बूथों में से 4999 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है।
इन दिग्गजों पर टिकी नजरें
तीसरे चरण में सीटों की संख्या भले कम है लेकिन सियासी दिग्गजों की संख्या कम नहीं है। जदयू के टिकट पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी समस्तीपुर के सरायरंजन से चुनाव लड़ रहे हैं। जदयू के मंत्रियों में सिकटा से खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, दरभंगा के बहादुरपुर से मदन साहनी और कल्याणपुर सुरक्षित से महेश्वर हजारी चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं लौकाहा से लक्ष्मेश्वर राय, सुपौल से विजेंद्र प्रसाद यादव, मधेपुरा के आलमनगर से नरेंद्र नारायण यादव, सिंहेश्वर सुरक्षित से रमेश ऋषिदेव और रुपौली से बीमा भारती चुनाव मैदान में हैं। भाजपा कोटे के मंत्रियों में मोतिहारी से प्रमोद कुमार, मधुबनी जिले के बेनीपट्टी से विनोद नारायण झा, मुजफ्फरपुर से सुरेश शर्मा और बनमनखी सीट से कृष्ण कुमार ऋषि शामिल हैं।
इनके अलावा पूर्व मंत्रियों में धमदाहा से लेसी सिंह, बाजपट्टी से डॉ रंजू गीता, लौरिया से विनय बिहारी, कटिहार के प्राणपुर से पूर्व मंत्री विनोद सिंह की पत्नी निशा सिंह, मधुबनी के बाबूबरही से पूर्व मंत्री कपिलदेव कामत की बहू मीना कामत चुनावी मैदान में हैं।
महागठबंधन के कद्दावर मैदान में
इस चरण में महागठबंधन के कई कद्दावर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। केवटी से राजद के कद्दावर नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी, बोचहा से पूर्व मंत्री रमई राम, सहरसा से पूर्व सांसद लवली आनंद, पातेपुर से शिवचंद्र राम, हयाघाट से भोला यादव, कदवा से शकील अहमद खान, अमौर से अब्दुल जलील मस्तान सहित कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है।
2015 के चुनाव में कौन कितने पानी में था
तीसरे चरण में जिन 78 सीटों पर वोटिंग होनी है, उनपर पिछले चुनाव में जदयू को 23 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा और राजद में बराबरी का मुकाबला हुआ था। दोनों दलों को 20-20 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस ने 11 सीटें अपने नाम की थीं और दो सीटों पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की थी। तब भाकपा माले और रालोसपा को 1-1 सीट पर जीत मिली थी।
किसके कितने लड़ैया
इस चरण में राजग की तरफ से भाजपा ने 35, जदयू ने 37, वीआईपी ने 5 और हम ने एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है। महागठबंधन की तरफ से राजद के 46, कांग्रेस के 25, भाकपा माले के 5 और भाकपा के 2 उम्मीदवार मैदान में हैं। दोनों गठबंधनों से अलग लोजपा के भी इस बार 42 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं।
इस चरण में पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर और रामनगर, सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर और महिसी सीट पर शाम 4 बजे तक ही वोट डाले जाएंगे। बाकी जगहों पर शाम 6 बजे तक मतदान होगा।
इसी के साथ वाल्मीकिनगर लोकसभा के लिए उपचुनाव भी संपन्न होंगे। सभी सीटों के लिए मतों की गिनती 10 नवंबर को होगी।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
अंतिम चरण के चुनाव में आसमान से लेकर जमीन तक निगरानी रहेगी। इसके लिए चुनाव आयोग पूरी तरह से तैयार है। वाल्मीकिनगर सीमा सहित नेपाल से लगने वाली सभी सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी बूथों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। सुरक्षा को लेकर त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। मतदान के दौरान हेलीकॉप्टर से एरियल निगरानी भी की जाएगी। जो बूथ संवेदनशील घोषित हैं, उन पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
तीसरा चरण आजः तैयारी पूरी
- 33 हजार 782 बूथों पर ईवीएम का उपयोग किया जाएगा
- 33 हजार 782 कंट्रोल यूनिट और इतने ही वीवीपैट उपयोग होंगे
- 80 वर्ष से ऊपर की आयु और विकलांग मतदाताओं को अलग से प्राथमिकता