नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा होने पर भाजपा ने एक बार फिर से अपनी राजनीतिक गतिविधियों में जान फूंकना शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण पार्टी की राजनीतिक गतिविधियां थम सी गई थी।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि सत्तासीन भाजपा नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए लोगों तक पहुंचेगी। इसके लिए सामाजिक दूरी का भली भांति ध्यान रखा जाएगा और मोदी सरकार द्वारा महामारी से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए प्रचार किया जाएगा।
प्रचार के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि कैसे मोदी सरकार ने इस भयावह संकट में लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कराईं और देश के नागरिकों को गरीबी के चंगुल से बचाने के लिए आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराई।
इस साल के आखिर में होने वाले बिहार चुनाव के लिए पार्टी ने पूरी तरह कमर कस ली है, इस बात की ओर इशारा करते हुए नड्डा ने कहा कि आने वाले दिनों में भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र को लेकर 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचेंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी बहुत सारी प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करेगी, 250 सार्वजनिक सभाओं का आयोजन होगा और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर तबके, महिलाओं और किसानों के लिए 500 रैलियां की जाएंगी। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के कामों और जिम्मेदारियों पर नागरिकों को एक खुला पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी का राजनीतिक गतिविधियों पर खासा असर देखने को मिला है, जिसे आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में भी महसूस किया जा सकता है।
वायरस का प्रसार और प्रवासी मजदूरों द्वारा गृह राज्य में लौटना, ये दोनों मुद्दे निश्चित रूप से भाजपा द्वारा संबोधित किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होने जा रहा है। भाजपा बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
कोविड-19 महामारी के प्रबंधन को लेकर गैर-भाजपा राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच खींचतान चुनावों के करीब आने पर बढ़ने की संभावना है।