Bihar Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए अब महज 20 दिन बचे हैं। पहले चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि आज यानी आठ अक्तूबर तक निर्धारित है। इस चरण के लिए 28 अक्तूबर को मतदान होगा। इस बीच राज्य में एक और फ्रंट की एंट्री हुई है, जो एनडीए और महागठबंधन को चुनौती देगा। गुरुवार को रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने थर्ड फ्रंट का एलान किया।
उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि इस फ्रंट के संयोजक समाजवादी जनता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख देवेंद्र यादव होंगे। इस फ्रंट का नाम ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट रखा गया है, जिसमें कुल छह पार्टियां शामिल हैं। वहीं, देवेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा तीसरे मोर्चे के नेता और मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईएमआईए प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें खुशी है कि हम बिहार के लोगों को विकल्प दे पाए हैं और हमारे साथ नई पार्टियां आई हैं। नीतीश सरकार के राज में 15 साल बिहार की जनता से धोखा किया गया है, ऐसे में अब नए विकल्प की जरूरत है।
ओवैसी ने कहा कि 'नीतीश कुमार और भाजपा के 15 साल, और आरजेडी-कांग्रेस के 15 साल बिहार के गरीबों को फायदा नहीं पहुंचा सके। राज्य सामाजिक-आर्थिक-शिक्षा एकीकरणकर्ताओं से पिछड़ रहा है। बिहार के भविष्य के लिए एक नया गठबंधन बनाया गया है, हम सफल होने के लिए सभी प्रयास करेंगे।'
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का कोई औचित्य नहीं बचा है, सिर्फ पैसों वाले बच्चों की पढ़ाई हो रही है। रोजगार के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है। गठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से वादा किया गया कि सत्ता में आने के बाद उनकी ओर से बाढ़ की मुश्किल को स्थाई तौर पर दूर किया जाएगा।
रालोसपा ने जारी की 42 उम्मीदवारों की सूची