बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव दो दिवसीय हसनपुर दौरे के बाद पटना लौट आए हैं। लेकिन तेज प्रताप के दौरे ने हसनपुर का खास बना दिया है। तेज प्रताप 22 और 23 सितंबर को हसनपुर में थे। दो दिनों तक इस विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने कई रोड शो किया है।
1967 के बाद से हमेशा यादव जाति का ही झंडा बुलंद रहा
समस्तीपुर जिला मुख्यालय से हसनपुर विधानसभा सीट की दूरी 60 किलोमीटर है। यहां से राजकुमार राय जेडीयू के विधायक हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में राज कुमार राय जेडीयू और आरजेडी के संयुक्त उम्मीदवार थे। एनडीए गठबंधन की तरफ से यह सीट आरएलएसपी के खाते में गया था। आरएलएसपी की तरफ से विनोद चौधरी उम्मीदवार थे। राजकुमार राय 2010 से यहां लगातार चुनाव जीत रहे हैं। यहां वोटरों की कुल संख्या 2 लाख 40 हजार 948 है जिसमें यादव मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। ऐसे में तेज प्रताप इसे सुरक्षित सीट मान रहे हैं।
इतिहास देखें तो इस सीट पर 1967 के बाद से हमेशा यादव जाति का ही झंडा बुलंद रहा है। अकेले गजेंद्र प्रसाद हिमांशु ने आठ बार इस सीट से विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि 2010 के नए परिसीमन के बाद इस सीट पर लगातार दो बार से जेडीयू अपनी जीत सुनिश्चित कर रही है। इस सीट से जेडीयू के राजकुमार राय दो बार जीते हैं। वो भी यादव जाति से ही आते हैं।
मां-भाई से मिली हरी झंडी
तेज प्रताप यादव के एक करीबी ने बताया कि मां और भाई से उन्हें हरी झंडी मिल गई है। तेज प्रताप के रोड शो के दौरान मां राबड़ी देवी और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव भी वीडियो कॉल के जरिए जुड़ते रहे हैं। इस दौरान तेज प्रताप उन्हें रोड शो में उमड़ी भीड़ को दिखाया था। करीबियों ने बताया कि यहां राबड़ी देवी भी चुनाव प्रचार के लिए आ सकती हैं।
ऐश्वर्या को मैदान में उतार सकती है जेडीयू
वहीं, राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि जेडीयू इस सीट से तेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या राय को मैदान में उतार सकती है। हसनपुर सीट अभी जेडीयू के कब्जे में हैं। तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय पहले ही जेडीयू में शामिल हो गए हैं। अगर ऐश्वर्या यहां से मैदान में उतरती हैं, तो मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा। स्थानीय स्तर पर कयास यह लगाए जा रहे हैं कि राजकुमार राय को पार्टी इस बार किसी दूसरे सीट से चुनाव लड़ा सकती है या फिर विधान परिषद भेज सकती है। हालांकि जेडीयू की तरफ से आधिकारिक रूप से ऐसा कोई बयान नहीं आया है।