बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग का मामला सुलझने के बाद अब टिकट बंटवारे का दौरा जारी है। सभी पार्टियां सोच समझकर उम्मीदवार को टिकट दे रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक लोकप्रिय महिला मुखिया को सीतामढ़ी जिले के परिहार विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया है।
मुखिया रितु जायसवाल अपने काम के कारण बिहार सहित पूरे देश में काफी लोकप्रिय हैं। सोनबरसा ब्लॉक के सुदूर राज सिंहवाहिनी पंचायत की इस मुखिया को कुछ साल पहले ही केंद्र सरकार ने पंचायती राज में उनके सराहनीय कार्य को लेकर सम्मानित किया था। वहीं उपराष्ट्रपति के द्वारा चैंपियंस ऑफ चेंज पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल की नौकरी छोड़ने और अपने आईएएस पति के साथ आरामदायक जीवन को छोड़ कर रितु जायसवाल ने पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने का फैसला किया था। और वह सिंहवाहिनी पंचायत से चुनाव जीत गई। पिछले साल रितु जायसवाल सरपंच और पंचायत सचिवों के क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा चयनित बिहार के ग्राम प्रधानों (मुखिया) में से एक थीं।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रितु जायसवाल को प्रतिष्ठित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार- 2019 से सम्मानित कर चुके हैं। वहीं इसके अलावा आईआईटी मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में रितु जायसवाल ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। साथ ही ग्राम पंचायत विकास योजना को लोगों के बीच पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा चयतिन नौ पैनलिस्ट में से रितु जायसवाल का भी नाम था।
इस वजह से राजनीति में आने का लिया फैसला
स्कूल में शिक्षिका रह चुकी रितु जायसवाल के चुनाव लड़ने के बारे में कभी सोची ही नहीं थी। लेकिन 2013 में जब वे राज सिंहवाहिनी पंचायत के अंतर्गत आने वाले अपने पति के नरकटिया गांव की यात्रा कर रही थी तब वहां की विकट स्थिति को देखकर सामाज सेवा करने का फैसला लिया। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने दिल्ली की अपनी नौकरी छोड़ दी और निर्णय लिया कि अब समाज के लिए काम करूंगी। हालांकि यह आसान नहीं था। ग्रामीणों ने शुरुआत में हतोत्साहित किया लेकिन वे अपने निर्णय पर कायम रहीं।
महिलाओं ने मुझे मुखिया का चुनाव लड़ने के लिए किया प्रेरित
रितु जायसवाल ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मेरे काम को देखकर लोग काफी प्रसन्न दिखे और फिर खासकर महिलाओं ने मुझे मुखिया का चुनाव लड़ने के लिए कहा और मैं जीत गई। आज मेरी पंचायत के हर गांव में सड़क, सोलर वाटर पंप और टंकियां हैं।
साथ ही यह खुले में शौच से भी मुक्त है। इस पंचायत में हर घर में बिजली और सड़क पर लाइट की व्यवस्था है। वे कहती हैं कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी पंचायत के लोगों ने एकजुट होकर जरूरतमंदों की मदद करने में मेरा साथ दिया। मैं इसी तरह लगातार बिना थके काम करना जारी रखना चाहती हूं।