बिहार के चुनाव प्रचार में उतरे राहुल गांधी ने एक रैली में केंद्र सरकार को अप्रवासी मजदूरों के मामले में आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब बिहार के मजदूर अन्य राज्यों से वापस लौट रहे थे, तब प्रधानमंत्री ने उनकी कोई मदद नहीं की। वह मजदूरों के सामने सिर झुकाते हैं, लेकिन जरूरत के समय उनकी मदद नहीं करते।
उन्होंने कहा कि मोदी बिहारवासियों को बताएं कि उन्होंने कितने लोगों को नौकरी दी। राहुल ने नोटबंदी की याद दिलाते हुए सभा में मौजूद लेगों से पूछा कि बताइए इससे आपको क्या फायदा हुआ? उन्होंने कहा कि गरीबों का पैसा हिंदुस्तान के अमीरों के खाते में भेजा गया। अंबानी और अडानी के लिए नरेंद्र मोदी रास्ता साफ कर रहे हैं।
मोदी बताएं राजग ने बेरोजगारी के सिवा क्या दिया : तेजस्वी
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उम्मीद है कि प्रधानमंत्री बिहार की जनता को बताएंगे जदयू-भाजपा के 15 वर्षों के शासन बाद भी राज्य स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि और उद्योग के मामले में सबसे निचले पायदान पर क्यों है। जिसने राजग को 40 में से 39 सांसद दिए उस बिहार को एनडीए ने बेरोजगारी के अलावा क्या दिया?
लालू और नीतीश 30 वर्षों से सत्ता में, अब दे रहे नौकरी का झांसाः मायावती
वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने रोजगार के सवाल पर लालू-नीतीश को भभुआ की रैली में घेरा। मायावती ने कहा कि प्रदेश में 30 वर्षों तक लालू प्रसाद और नीतीश कुमार सत्ता में रहें। अब नौकरी का झांसा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते बिहार के प्रवासी मजदूरों को काफी दुर्दशा उठानी पड़ी है। तीस वर्षों से बिहार के लोगों को केवल छला गया।
उन्होंने कहा कि इस बार जनता इनकी असलियत समझ गई है और रालोसपा-बसपा गठबंधन की सरकार बनेगी, उपेंद्र कुशवाहा अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने दावा कि रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बसपा सुप्रीमो ने राजद नेता तेजस्वी पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी खुद मैट्रिक पास नहीं है। हर मोर्चे पर नीतीश सरकार फेल रही है।