बिहार की राजनीति के लिए शुक्रवार का दिन काफी अहम रहा। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में तीन रैलियों को संबोधित किया। सासाराम में जहां प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार से साथ मंच साझा किया। वहीं गया में जीतन राम मांझी के लिए प्रचार किया। भागलपुर में उन्होंने लालू परिवार पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि लालू परिवार ने बिहार को लूटकर परिवार की तिजोरियां भरीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार विकास, अच्छी शिक्षा का हकदार है। इसे कौन सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विपक्ष पर एमएसपी को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-
ये एनडीए की ही सरकार है जिसने किसानों को लागत का डेढ़ गुना MSP देने की सिफारिश लागू की थी। ये एनडीए की ही सरकार है जिसने सरकारी खरीद केंद्र बनाने और सरकारी खरीद, दोनों पर बहुत जोर दिया है।
एनडीए के विरोधी दल जब किसानों के लिए कुछ कर नहीं पाए तो अब किसानों को लगातार झूठ बोलने में जुट गए हैं। आजकल ये लोग एमएसपी को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं।
बीते सालों में बिहार में 3,500 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग या तो बने हैं या उन्हें चौड़ा किया जा रहा है। भागलपुर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए भी अब स्वीकृति दी जा चुकी है।
अब बिहार के गांवों में, छोटे शहरों में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था का और विस्तार होगा। जो नए कानून बने हैं उससे यहां के आम, मक्का, लीची, केले की पैदावार करने वाले किसानों को बहुत मदद मिलने वाली है। नए प्रावधानों से खेत के पास ही स्टोरेज की सुविधाएं तैयार होंगी।
अभी हाल ही में देश की कृषि को आधुनिक बनाने के लिए बड़े सुधार किए गए हैं, उनका भी लाभ बिहार के किसानों को होगा। मंडियों से जुड़ा कानून तो यहां पहले ही खत्म कर दिया गया था अब बिहार में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर और तेजी से काम होने की संभावना बनी है।
03:19 PM, 23-Oct-2020
बिहार में पहले जो सरकारें रही उन्होंने आदिवासियों को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए केवल झूठे वादे किए
सामान्य जन की सुविधा के लिए, बिहार के युवा के रोजगार और स्वरोजगार के लिए बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी था। इसी सोच के साथ बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपए का प्रधानमंत्री पैकेज घोषित किया गया था।
बिहार में पहले जो सरकारें रही उन्होंने आदिवासियों के कल्याण के लिए उन्हें शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए सिर्फ और सिर्फ झूठे वादे किए। अब एनडीए सरकार आदिवासी बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ, उनके लिए घर, उनके लिए रोजगार पर पूरा ध्यान दे रही है।
भागलपुर सहित बिहार के शहरों की जो हालत इन लोगों ने कर दी थी, वो आप अच्छी तरह जानते हैं। छोटे दुकानदार, व्यापारी कारोबारी, मज़दूर इनके जंगलराज में हर कोई परेशान था। इसी का नतीजा था कि भागलपुर, मुंगेर सहित यहां के तमाम जिलों में दूसरे उद्योगों के लिए भी जो अवसर थे, वो खत्म होते गए।
बिहार अच्छी शिक्षा के अवसरों का भी हकदार है। क्या ये उन लोगों द्वारा सुनिश्चित किया जा सकता जिन्हें शिक्षा का महत्व ही नहीं पता या वो लोग जो आईआईटी, आईआईएम और एम्स को राज्य में लाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
बिहार बेहतर कानून व्यवस्था का हकदार है। ये कौन सुनिश्चित करेगा? वो जिन्होंने गुंडों को खिलाया-पिलाया पाला या वो जिन्होंने गुंडों पर डंडा चलाया।
03:02 PM, 23-Oct-2020
बिहार विकास का हकदार है
बिहार निवेश का हकदार है। ये कौन सुनिश्चित कर सकता है? जिन्होंने बिहार को जंगल-राज बना दिया या जो लोग बिहार को सुशासन दे रहे हैं, बिहार के विकास में जी जान से जुटे हैं।
बिहार विकास का हकदार है। विकास कौन सुनिश्चित करेगा? वो जिन्होंने केवल अपने परिवार का विकास किया या वो जो लोगों की सेवा में अपना परिवार भी भूल गए। बिहार रोजगार और उद्यमों का हकदार है
बिहार वो स्थान है जहां लोकतंत्र के बीज बोए गए थे। क्या जंगलराज में कभी भी विकास और लोकतांत्रिक मूल्य फल-फूल सकते हैं? बिहार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का हकदार है। इसे कौन सुनिश्चित करेगा?
खुद भ्रष्टाचार में लिप्त लोग या भ्रष्टाचारियों से लड़ने वाले लोग?
जब-जब बिहार ने इन लोगों पर विश्वास किया है, इन लोगों ने बिहार के साथ, बिहार के गौरव के साथ विश्वासघात किया गया है। बिहार को लूटकर इन लोगों ने अपने परिवार की तिजोरियां भरी हैं, रिश्तेदारों को अमीर बनाया है।
भारत की जांबाज सेना आतंकियों पर कोई कार्रवाई करे, सदहद पर तिरंगे की शान बढ़ाए, ये लोग विरोध में हैं। सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने को कहे, ये लोग विरोध में हैं। राष्ट्रहित में कोई भी, कुछ भी फैसला ले, ये लोग विरोध में हैं।
बिहार के लोगों ने ठाना, एनडीए को फिर जिताना जरूरी है
एनडीए के विरोध में आज जो लोग खड़े हैं, वो देशहित के हर फैसले का विरोध कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर से धारा-370 हटाने का फैसला हो, ये लोग विरोध में हैं। तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को नए अधिकार देना हो, ये लोग विरोध में हैं।
बिहार के लोग ये ठान चुके हैं कि एनडीए को फिर जिताना जरूरी है। जरूरी इसलिए ताकि बिहार प्रगति के जिस पथ पर चल रहा है, उसकी गति और तेज हो। जरूरी इसलिए है, ताकि देश को सशक्त करने के लिए जो फैसले लिए गए हैं, वो बिहार में भी तेजी से लागू हों।
बिहार चुनाव की ये आज की मेरी तीसरी सभा है। नीतीश जी के नेतृत्व में भाजपा, जदयू, हम पार्टी और वीआईपी के गठबंधन के पक्ष में बिहार का मत स्पष्ट है।
02:50 PM, 23-Oct-2020
भागलपुर पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए भागलपुर पहुंच गए हैं।
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01:11 PM, 23-Oct-2020
बिहार ने अब पकड़ी है सुधार की रफ्तार
आपका वोट इसलिए जरूरी है ताकि बिहार फिर से बीमार न पड़ जाए। सतर्कता इसलिए जरूरी है ताकि आप और आपका परिवार बीमारी से बचा रहे। एक बार फिर भारी संख्या में यहां आने के लिए, एनडीए को आशीर्वाद देने के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
बिहार ने अब सुधार की राह में रफ्तार पकड़ ली है। इसे धीमा नहीं होने दिया जाएगा। अब हमारा फोकस इस पूरे क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, और तेज करने पर है।
बिहार के रहने वालों का खून-पसीना इस देश के हर हिस्से की माटी में गुथा हुआ है। फिर भी दशकों तक वे बुनियादी जरूरतों से वंचित रहें। जबकि उनके द्वारा चुने गए नेताओं ने उनके की रुपये से अपना साम्राज्य बना डाला।
बीते सालों में गरीब, वंचित, दलित, शोषित, पिछड़े, अति पिछड़ों के सशक्तिकरण के लिए एक के बाद एक बड़े सुधार किए गए हैं। अब गरीबों और वंचितों को उनके हक का पूरा लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सुशासन के लिए टेक्नोलॉजी को आधार बनाया गया है।
एनडीए का संकल्प है- बिहार को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना।
देश को तोड़ने की, देश को बांटने की वकालत करने वालों पर जब एक्शन लिया जाता है, तो ये लोग उनके साथ खड़े हो जाते हैं। इन लोगों का मॉडल रहा है बिहार को बीमार और लाचार बनाना।
01:05 PM, 23-Oct-2020
बिहार को पुराने अंधकार में ले जाने वाले लोगों से रहना है सावधान
एनडीए के विरोध में इन लोगों ने मिलकर जो ‘पिटारा’ बनाया है, जिसे ये लोग महागठबंधन कहते हैं, उसकी रग-रग से बिहार के लोग वाकिफ हैं। वो लोग जो नक्सलियों को, हिंसक गतिविधियों को खुली छूट देते रहे, आज वो एनडीए के विरोध में खड़े हैं।
श्रीमान नीतीश जी की अगुवाई में यहां बेहतर तालमेल वाली, तेजी से काम करने वाली सरकार बने इसके लिए आपका मतदान जरूर करना है। आपका वोट इसलिए जरूरी है ताकि बिहार फिर से बीमार न पड़ जाए।
जिन आशाओं और अपेक्षाओं के साथ आपने केंद्र में हमें अवसर दिया उनको तेजी से पूरा करने के लिए बिहार में फिर भाजपा, जेडीयू, हम पार्टी और वीआईपी पार्टी का गठबंधन यानी एनडीए सरकार जरूरी है
ऐसे में बिहार को जो फिर उस पुराने अंधकार में ले जाने की जो तैयारी की जा रही है, जो ललचाए बैठे कुछ लोग हैं, उनसे आपको सावधान रहना है, सतर्क रहना है।
नवादा और औरंगाबाद सहित बिहार के वो जिले जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं उनको आकांक्षी जिलों के तौर पर चुना गया है। इन जिलों में अब शिक्षा, स्वास्थ, पोषण, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे तमाम पहलुओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
01:00 PM, 23-Oct-2020
अब गरीबों और वंचितों को उनका पूरा लाभ दिलाने की हो रही हैं कोशिशें
हिंसा और अराजकता से बाहर निकालकर इस पूरे क्षेत्र को विकास की पटरी पर लाने के लिए बीते सालों में बहुत मेहनत की गई है।
बीते वर्षों में बिहार के इस हिस्से को नक्सलियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। अब नक्सलवाद को देश के एक छोटे से हिस्से में समेट दिया गया है।
लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार की बहनों से मैंने कहा था कि आपको पीने के पानी की समस्या का समाधान देकर रहेंगे। इस दिशा में जल जीवन मिशन के तहत तेजी से काम चल रहा है।
बीते सालों में गरीब, वंचित, दलित, शोषित, पिछड़े, अति पिछड़ों के सशक्तिकरण के लिए एक के बाद एक बड़े सुधार किए गए हैं। अब गरीबों और वंचितों को उनके हक का पूरा लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सुशासन के लिए टेक्नोलॉजी को आधार बनाया गया है।
गया जी का ये पूरा क्षेत्र भारत के ज्ञान, आस्था और आध्यात्म का केंद्र रहा है। ये कितनी बड़ी बिडंबना है कि जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, उस धरती को नक्सली हिंसा और जघन्य हत्याकांडों में झोंक दिया गया।
12:59 PM, 23-Oct-2020
पहले राशन हो, गैस सब्सिडी हो, पेंशन हो, स्कॉलरशिप हो, हर जगह घोटाला-घपला चलता था। अब आधार, फोन और जनधन खाते से सब जुड़ चुका है। अब गरीब को उसका पूरा हक समय पर मिलना सुनिश्चित हुआ है।
देश को तोड़ने की, देश को बांटने की वकालत करने वालों पर जब एक्शन लिया जाता है, तो ये लोग उनके साथ खड़े हो जाते हैं। इन लोगों का मॉडल रहा है बिहार को बीमार और लाचार बनाना।
बिहार के चुनाव इस बार दो कारणों से अहम हैं, एक तो कोरोना महामारी के बीच ये पहला बड़ा चुनाव है, जहां इतनी बड़ी संख्या में मतदान होने वाला है।
इसलिए नजर इस बात पर है कि खुद को सुरक्षित रखते हुए बिहार लोकतंत्र को कैसे मजबूत करता है।
90 के दशक में बिहार के लोगों का अहित किया गया, बिहार को अराजकता और अव्यवस्था के किस दलदल में धकेल दिया ये आप में से अधिकांश ने अनुभव किया है। आज भी बिहार की अनेक समस्याओं की जड़ में 90 के दशक की अव्यवस्था है, कुशासन है।
12:58 PM, 23-Oct-2020
नक्सलियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए उठाए गए कड़े कदम
एनडीए के विरोध में इन लोगों ने मिलकर जो ‘पिटारा’ बनाया है, जिसे ये लोग महागठबंधन कहते हैं, उसकी रग-रग से बिहार के लोग वाकिफ हैं। वो लोग जो नक्सलियों को, हिंसक गतिविधियों को खुली छूट देते रहे, आज वो एनडीए के विरोध में खड़े हैं।
नवादा और औरंगाबाद सहित बिहार के वो जिले जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं उनको आकांक्षी जिलों के तौर पर चुना गया है। इन जिलों में शिक्षा, स्वास्थ, पोषण, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे तमाम पहलुओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
बीते वर्षों में बिहार के इस हिस्से को नक्सलियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। अब नक्सलवाद को देश के एक छोटे से हिस्से में समेट दिया गया है।
आज बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थान खोले जा रहे हैं। यहां बोधगया में भी तो आईआईएम खुला है जिस पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वरना बिहार ने वो समय भी देखा है, जब यहां के बच्चे छोटे-छोटे स्कूलों के लिए तरस जाते थे।
12:51 PM, 23-Oct-2020
ये वो दौर था जब बिजली संपन्न परिवारों के घर में होती थी, गरीब का घर दीए और ढिबरी के भरोसे रहता था। आज के बिहार में लालटेन की जरूरत खत्म हो गई है। आज बिहार के हर गरीब के घर में बिजली का कनेक्शन है, उजाला है।
ये वो दौर था जब लोग कोई गाड़ी नहीं खरीदते थे, ताकि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को उनकी कमाई का पता न चल जाए। ये वो दौर था जब एक शहर से दूसरे शहर में जाते वक्त ये पक्का नहीं रहता था कि उसी शहर पहुंचेंगे या बीच में किडनैप हो जाएंगे।
90 के दशक में बिहार के लोगों का अहित किया गया, बिहार को अराजकता और अव्यवस्था के किस दलदल में धकेल दिया ये आप में से अधिकांश ने अनुभव किया है। आज भी बिहार की अनेक समस्याओं की जड़ में 90 के दशक की अव्यवस्था और कुशासन है।
दूसरा ये चुनाव इस दशक में बिहार का पहला चुनाव है, एनडीए की जीत के साथ ये चुनाव बिहार की भूमिका को और मजबूत करेगा।
बिहार के चुनाव इस बार दो कारणों से अहम हैं, एक तो कोरोना महामारी के बीच ये पहला बड़ा चुनाव है, जहां इतनी बड़ी संख्या में मतदान होने वाला है। इसलिए नजर इस बात पर है कि खुद को सुरक्षित रखते हुए बिहार लोकतंत्र को कैसे मजबूत करता है।
12:19 PM, 23-Oct-2020
भागलपुर में लालू परिवार पर पीएम का हमला, बोले- बिहार को लूटकर परिवार की तिजोरियां भरी गईं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के गया के गांधी मैदान में दूसरी चुनावी रैली को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी मंच पर मौजूद हैं।