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चुनाव डायरीः ललित बाबू के पौत्र का टिकट कटा, कांग्रेस प्रत्याशी उस्मानी को बताया जिन्ना का पुजारी

Sat, 17 Oct 2020 06:42 AM IST
देव कश्यप एजेंसी पटना/ दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस ने देश के पूर्व रेलमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे ललित नारायण मिश्र के पौत्र का टिकट काट कर जाले विधानसभा सीट से डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। टिकट कटने से आग-बबूला ऋषि मिश्र ने उस्मानी को देशद्रोही और जिन्ना का पुजारी बता दिया। दरभंगा निवासी ऋषि ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उस्मानी के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज है।

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गौरतलब है कि 2019 में सीएए और एनआरसी के खिलाफ कथित देश विरोधी नारा लगाने के लिए उस्मानी पर राजद्रोह का केस दर्ज है। वहीं, 2020 में सफूरा जर्गर और मीरन हैदर को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए जाने की आलोचना करने पर ट्विटर ने उस्मानी का एकाउंट बंद कर दिया था। ऋषि ने कहा कि उन्हें टिकट नहीं मिला, इसका उन्हें दुख नहीं है। पार्टी किसी और को टिकट देती, लेकिन जिन्ना के पुजारी को टिकट देने से मैं बहुत आहत हूं। उसके कार्यालय में जिन्ना की तस्वीर है और वह जमानत पर बाहर है।


मिश्र ने बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि झा जी कहते हैं कि प्रत्याशियों के नाम सोनिया गांधी ने तय किए हैं। कांग्रेस गांधी की विचारधारा वाली पार्टी है, इसे जिन्ना की विचारधारा मत बनाइए। हमें गांधी के देश में जिन्ना की तस्वीर नहीं चाहिए। सोनिया गांधी और झा को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उस्मानी को टिकट क्यों दिया।
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कांग्रेस पर महिला अपराध के दोषियों को टिकट देने का आरोप
निर्भया ट्रस्ट के महासचिव सर्वेश तिवारी ने बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पर महिला अपराध के आरोपियों को टिकट देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को टिकट न देने की अपील को कांग्रेस ने अनसुना कर दिया।

सोनिया गांधी को लिखे एक पत्र में तिवारी ने बिहार में 70 सीटों पर टिकट बांटने को लेकर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि टिकट बांटने में घोर अनियमितता हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नेतृत्व ने महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव सहित पार्टी के अंदर से उठने वाली आवाज तक को नजरअंदाज कर दिया। बताया जाता है कि तिवारी खुद के लिए गोविंदगंज से टिकट चाहते थे।

लालू ने वीडियो के जरिए नीतीश पर किया कड़ा प्रहार
चारा घोटाला मामले में जेल की सजा काट रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक प्रचार वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर जमकर हमला बोला है। लालू ने वीडियो में कहा कि कुर्सी की भूख के लिए नीतीश कुमार ने बिहार को गहरे संकट में धकेल दिया है। 2010 में वह सत्ता में आए और अपने सहयोगियों को धोखा दिया। उसी तरह 2015 में हमसे मिलकर चुनाव लड़े और जीतने के बाद हमारी पीठ में छुरा घोंप दिया। लालू ने कहा कि नीतीश के पास न नीति है, न शासन है और न ही नैतिकता है।

भाजपा के रिपोर्ट कार्ड में श्रमिकों का जिक्र
भाजपा ने अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। रिपोर्ट में बिहार के श्रमिकों को ध्यान में रखा गया है। श्रमिकों को प्रवासी की जगह बिहारवासी लिखा गया है। रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक कोरोना के दौरान श्रमिकों के लिए 30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया। बाहर फंसे 20.33 लाख बिहारियों के खाते में एक हजार रुपये सहायता राशि दी गई। 'सबका निभाया साथ-जरूरत के समय बढ़ाया हाथ, ना रहे कोई लाचार-सबका किया उपचार' जैसे नारे इस रिपोर्ट कार्ड में हैं।

थक चुके हैं नीतीश, अब नहीं संभाल सकते बिहार: तेजस्वी
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थक चुके हैं और वह राज्य को नहीं संभाल सकते। वह विकास, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य ढांचे और गरीबी पर बात नहीं करना चाहते। नीतीश कहते हैं बिहार चारों ओर से जमीन से घिरा है, इसलिए उद्योग नहीं लग सकता। नतीजतन राज्य में रोजगार का सृजन नहीं हो रहा।

मोदी ने बदली सियासी संस्कृति, रिपोर्ट कार्ड से बदला जातिगत-नफरत वाला माहौल : नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बांका में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राजनीतिक संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। अब पार्टियां और सरकारों के नुमाइंदे चुनावों के दौरान जातिवाद और नफरत फैलाने वाले भाषणों की जगह रिपोर्ट कार्ड पेश करने लगे हैं।

यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नड्डा ने बिहार के लिए मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते थे। वह अपने भाषणों से वैमनस्य और समाज को बांटने की कोशिश करते थे, लेकिन जब से मोदी सत्ता में आए हैं राजनीतिक संस्कृति पूरी तरह बदल चुकी है। 

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