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Bihar Assembly Election 2020: जदयू की सोशल इंजीनियरिंग, राजद का माई तो भाजपा-कांग्रेस का सवर्णों पर फोकस

Fri, 09 Oct 2020 04:18 PM IST
Jeet Kumar कुमार निशांत , पटना
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बिहार चुनाव 2020 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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Bihar Election Date 2020: पहले चरण में जदयू ने सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा, वहीं राजद ने न केवल माई समीकरण का ख्याल किया बल्कि इस बार उसने भाजपा और कांग्रेस की तरह सवर्णों का भी ध्यान रखा। अकेले जदयू ने ही अब तक तीनों चरणों के लिए अपने सभी 115 उम्मीदवारों का आधिकारिक एलान किया है।  

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सत्ताधारी जदयू ने 20 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर के अलावा अपराधियों को चुनाव लड़ने से रोकने के तहत ये कदम उठाए गए हैं।


मंजू वर्मा को टिकट से किरकिरी
महिलाओं को महत्व देने के चक्कर में उन्हें बेगूसराय की चेरिया बरियारपुर सीट से मंजू वर्मा को टिकट देने पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा हैं क्योंकि मंजू कुछ साल पहले तक राज्य की समाज कल्याण मंत्री थीं, लेकिन उन्हें मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में अपमानजनक स्थिति में त्यागपत्र देना पड़ा था। जदयू ने अपने हिस्से की 115 सीटों में से 22 महिलाओं को टिकट दिए हैं।
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सवर्ण के साथ पिछड़ों का भी ख्याल
जदयू ने 115 उम्मीदवारों में भूमिहार जाति के 10 लोगों को मौका दिया है। इसी तरह 7 राजपूत और 2 ब्राह्मण टिकट पाने में सफल रहे। सवर्णों के साथ-साथ नीतीश ने पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को भी महत्व दिया है।

अतिपिछड़ा वर्ग के 19 लोगों को जदयू का टिकट मिला है। पार्टी ने 18 यादव, 15 कुशवाहा, और 12 कुर्मी उम्मीदवार उतारे हैं। वैश्य समुदाय से 3 लोगों को टिकट दिया है। इस बार अपनों से घिरकर दलित और महादलित की चुनौतियों का सामना करने वाले नीतीश ने अनुसूचित जाति के17 उम्मीदवार और अनुसूचित जनजाति के एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

इसी के साथ 11 टिकट अल्पसंख्यक समुदाय को देकर नीतीश ने मुस्लिम मतदाताओं पर डोरा डाला है। जदयू ने पहले चरण में 3 राजपूत, 5 भूमिहार, 12 दलित, 4 अति पिछड़ा, 8 यादव, 5 कोईरी और 3 कुर्मी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

भाजपा के 27 में 16 सवर्ण
भाजपा ने पहले चरण में साठ प्रतिशत टिकट सवर्णों को दिया है। पार्टी के ने 27 उम्मीदवारों में 16 सवर्ण उम्मीदवार बनाए हैं। भाजपा ने पहले चरण में 7 राजपूत, 6 भूमिहार और 3 ब्राह्मणों को अपना उम्मीदवार बनाया है। पहले चरण में पार्टी की तरफ से 5 महिला उम्मीदवार हैं। भाजपा ने पहले चरण में 3 यादव, 3 एससी, 1 एसटी, 1 वैश्य, 1 बिंद, और 1 दांगी को मैदान में उतारा है।

कांग्रेस का भी सवर्णों पर ध्यान
कांग्रेस ने भी पहले चरण की इक्कीस सीटों पर सवर्णों को मौका दिया है। पार्टी ने 6 भूमिहार, 5 राजपूत 2 ब्राह्मण और 1 कायस्थ को मैदान में उतारा है। पार्टी ने पहले चरण में 4 टिकट एससी को और 2 टिकट पिछड़ा वर्ग को दिया है।

राजद में माई के साथ अगड़ों से संतुलन
राजद ने टिकट बंटवारे में अपने आधार वोटबैंक माई का तो ख्याल रखा ही है, साथ ही अगड़ों को भी अछूता नहीं छोड़ा है। पहले चरण में ही पार्टी ने 42 में 19 यादवों को टिकट दिया है। एमवाई समीकरण का एम यहां पिछड़ गया।

राजद ने पहले चरण में तीन मुसलमानों को टिकट दिया है। हालांकि मुस्लिम बाहुल्य सीमांचल का दौर अभी बाकी है। राजद ने पहले चरम में चार सवर्ण उम्मीदवार भी दिए। इनमें दो राजपूत, एक ब्राह्मण, एक भूमिहार शामिल है। राजद ने पुराने नेताओं के परिजनों को टिकट देकर अगड़ों में प्रभाव छोड़ने की कोशिश की।

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