Bihar Election 2020 : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को महागठबंधन का संकल्प पत्र जारी किया। कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने कहा, आज बहुत ही खास दिन है। हम 10 लाख लोगों को रोजगार देंगे। यदि जनता मौका देती है तो पहली कैबिनेट में पहले दस्तखत नौकरियों को लेकर करेंगे। तेजस्वी ने यह भी कहा कि अगर वो सत्ता में आए तो केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए कृषि कानूनों को राज्य में लागू नहीं होने देंगे। इस मौके पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला, शक्तिसिन्ह गोहिल सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
हमारा प्रण 'संकल्प बदलाव का' है
वहीं, उन्होंने कहा कि कलश स्थापना के साथ हमने संकल्प लिया। हमारा प्रण 'संकल्प बदलाव का' है। समान काम करने वालों को समान वेतन देंगे। हम पलायन को रोकेंगे। एयरपोर्ट से लेकर वर्ल्ड क्लास सुविधा देंगे। किसानों का कर्ज माफ करेंगे। हम बिजली की हर समस्या को दूर करेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है।
मेरा काम सेवा का है, मेवा का नहीं
नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षों से राज्य में शासन कर रहे हैं लेकिन इसे अब तक विशेष राज्य की श्रेणी नहीं मिल पाई है। यहां डोनाल्ड ट्रंप आकर समझौते नहीं करेंगे। अब तक केंद्र की टीम ने आकर नहीं देखा कि बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए, ऐसा लग रहा है कि बस कुर्सी पाने की होड़ में सब लोग लगे हुए हैं। लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं कि मेरा काम सेवा का है, मेवा का नहीं है लेकिन मेवा के लिए बिहार में 60 घोटाले हुए हैं।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प नहीं आएंगे
तेजस्वी यादव ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि गठबंधन अपनी प्रतिबद्धताओं के साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि बिहार को अभी भी एक विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे वैसे नेता नहीं कि अपने वादों को आसानी से भूल जाएं। यादव ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नहीं आएंगे। पीएम मोदी ने द्वारा कभी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था।
जिंदगी भर जो पार्टियां जमीन हड़पती रही, वो आज किसानों की बात कर रही हैं- सुशील कुमार मोदी
दूसरी ओर, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने महागठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने आज जो घोषणा पत्र जारी किया है, उसमें जिंदगी भर जो पार्टियां जमीन हड़पती रही, वो आज किसानों की बात कर रही हैं, जो लोग पैसा लेकर नौकरी देते रहे, आज वो नौकरी की बात कर रहे हैं। ये लोग केवल घोषणा कर सकते हैं, कुछ दे नहीं सकते।