बच्चों के साथ बैठकर भोजन करते कलेक्टर कंवल तनुज (बाएं)
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युवा आईएएस अधिकारियों द्वारा काम के प्रति लगन और उनके अलग नजरिए के बहुत किस्से देखने को मिलते हैं लेकिन ये किस्सा कुछ अलग है। बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज के प्राथमिक स्कूल से प्रिंसिपल द्वारा महिला रसोइया को दलित और विधवा कहकर हटाने की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर खुद स्कूल पहुंचे और महिला के हाथ का खाना खाया।
उन्होंने महिला रसोइया को बहाल करते हुए प्रिंसिपल को भी निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। युवा आईएएस की यह कर्तव्यनिष्ठा काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।
एनडीटीवी की खबर के अनुसार जब दलित विधवा उर्मिला कुंवर अपनी शिकायत लेकर जिला कलेक्टर कंवल तनुज के पास पहुंची तो उन्होंने 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अगले दिन सुबह होते ही कलेक्टर तनुज ने अपनी कार उठाई और 45 किलोमीटर का सफर तय कर उस स्कूल में पहुंचे जहां से उर्मिला को तीन साल पहले निकाल दिया गया था। उन्होंने उर्मिला को बहाल करते हुए उसे बच्चों के लिए मिड डे मील बनाने के निर्देश दिए।