पीएम मोदी ने 2015 में डिजिटल इंडिया अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का बिहार में अनोखा पहलू सामने आया है। यहां भिखारी भी डिजिटल हो गए हैं। एक भिखारी फोन पे और गूगल पे पर भीख लेता है। ऐसे में 'छुट्टे नहीं है' का बहाना इसके पास नहीं चलेगा।
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इस डिजिटल भिखारी का नाम राजू है। वह बेतिया रेलवे स्टेशन पर भीख मांगता है। राजू की पहचान दूर से ही हो जाती है। उसके गले में 'QR CODE' की तख्ती लटकी रहती है। हाथ में टैब है। भीख मांगने पर कोई कहता है कि छुट्टे नहीं है तो राजू कहता है कि फोन पे दो, गूगल पे कर दो। चर्चा है कि राजू बिहार का पहला डिजिटल भिखारी है। वहीं राजू अपने आप को देश का पहला हाईटेक भिखारी बताता है।
बिहार का ये अनोखा भिखारी बचपन से ही भीख मांगता है। इसी बीच कुछ दिनों से लोग छुट्टे नहीं है कहकर भीख देने से मना कर देते हैं। ऐसे में उसे पैसे मिलना बंद हो गए। तभी उसे डिजिटली भीख मांगने का आइडिया आया। उसके बाद उसने पैन कार्ड बनवाकर बैंक में खाता खुलवाया और डिजिटली भीख मांगना शुरू किया। अब उसकी अच्छी कमाई होने लगी है। राजू खुद को पीएम मोदी का भक्त बताता है। वह उनके डिजिटल इंडिया से बहुत प्रभावित है। वह लालू प्रसाद यादव का भी प्रशंसक है।