सिंह ने कहा कि कुमार ने छुट्टी के लिए आवेदन किया था जिसे कमांडेंट रोहित राज दीवान ने लौटा दिया। जब उसने कमांडेंट से अभद्रता की तो उसे फटकार भी लगाई। 9 अक्तूबर 2010 को राहुल उस कमरे में घुस गया जहां कमांडेंट दीवान सब-इंस्पेक्टर आरएन पांडेय के साथ बैठा था। जवान ने दोनों अधिकारियों को एके-47 राइफल से भून दिया। घटना के बाद सीआरपीएफ इंस्पेक्टर राम लाल की शिकायत के बाद शिवसागर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।