दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल पर बिहार में मामला दर्ज हुआ है। पटना के सीजेएम कोर्ट में उनके खिलाफ परिवार दायर किया है। दरअसल, RBI द्वारा 2000 रुपये के नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था। इस पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र पर टिप्पणी की। इस टिप्पणी के बाद मोदी समर्थकों ने उनका विरोध किया। इसी बीच पटना में वकील रवि भूषण प्रसाद वर्मा ने सीजेएम कोर्ट में उनके खिलाफ परिवार दायर करवा दिया।
न्यायालय से CM केजरीवाल कार्रवाई की मांग
वकील रवि भूषण प्रसाद वर्मा का कहना है कि केजरीवाल ने 2016 में भी नोटबंदी का विरोध किया था। उस समय उन्होनें बड़े नोट के चलन का भी विरोध किया था। अब जब RBI ने 2000 के नोट को चलन से बाहर कर दिया है तो इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इतना ही नहीं केजरीवाल पीएम मोदी को अनपढ़ भी कह दिया। देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी निंदनीय है। मैं इस मामले को न्यायालय से कार्रवाई की मांग करता है।
बिहार भाजपा ने कहा- इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं
इतना ही नहीं बिहार भाजपा ने भी अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। बिहार भाजपा का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी उनके अंदर के अहंकार दर्शाता है। भाजपा ने कहा कि हमारे राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों लेकिन एक मर्यादा होनी चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री की कुर्सी का सम्मान करना चाहिए। किसी भी कीमत पर इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।
अब जानिए क्या कहा था CM अरविंद केजरीवाल ने
RBI द्वारा 2000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने पर 19 मई को ट्वीट किया। उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि पहले बोले 2000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार बंद होगा। अब बोल रहे हैं 2000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार खत्म होगा। केजरीवाल ने आगे लिखा कि इसीलिए हम कहते हैं, देश के PM को पढ़ा लिखा होना चाहिए। एक अनपढ़ PM को कोई कुछ भी बोल जाता है। उसे समझ आता नहीं है। भुगतना जनता को पड़ता है।