राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के पांचवें केस में भी सजा सुनाए जाने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस मामले में खरी खरी-कही है। नीतीश कुमार ने कहा कि चारा घोटाला मामले में हमने केस दर्ज नहीं कराए हैं, जो लोग आज उनके लालू यादव के साथ हैं, उन्हीं ने केस दर्ज कराए हैं।
नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि ये लोग उनके पास भी आए थे, लेकिन उन्होंने कहा कि यह मेरा काम नहीं है। आप एफआईआर कराना चाहते हैं तो करा दीजिए। नीतीश कुमार ने कहा, 'आज तो उनके साथ जो लोग हैं वे केस करने वाले थे। याद है न, नमवा याद करवा दीजिए न। केसवा जब किए तब मेरे पास भी आए थे। केस करने वाले लोग आज उनके ही साथ हैं। एक आदमी और हैं जो उनसे अलग करवाए थे, फिर वहीं हैं।'
लालू यादव को सजा मामले में प्रतिक्रिया मांगने पर नीतीश कुमार ने पहले कहा कि मुझे कुछ नहीं कहना, लेकिन बाद में राजद नेता शिवानंद तिवारी की ओर इशारा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि एक आदमी हैं जो आजकल लालू जी के साथ हैं। उन्हीं से पूछिए। ये आज की बात थोड़े है। जब वे मुख्यमंत्री थे तब ही उन पर आरोप लगा और उन्हें हटना पड़ा। तब अपनी जगह श्रीमती जी को बनवा दिए। कई केस में सजा हुई। जेल भी गए। सीबीआई की रांची स्थित विशेष अदालत ने सोमवार को चारा घोटाले के पांचवें मामले में लालू प्रसाद को पांच वर्ष की कैद और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बिहार में कराएंगे जातिगत जनगणना
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि हम राज्य में जाति जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सभी के विचारों, उनके अनुभव को लेने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित करना चाहते हैं। इसमें विचार किया जाएगा कि जातिगत जनगणना कैसे की जाए। इससे सभी को फायदा होगा। हम इसे जल्द ही शुरू करेंगे और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इसे ठीक से लागू किया जाए।