शहर के एक निजी नर्सिंग होम में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। इस दौरान अस्पताल की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 50 लोगों की भीड़ ने खिड़कियां-दरवाजे तोड़ दिए और करीब 15 लाख रुपये मूल्य की अल्ट्रासाउंड मशीन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते सही उपचार नहीं मिलने के कारण मरीज की जान चली गई। हंगामे के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। हालात बिगड़ते देख अन्य मरीजों को वहां से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मौके से कुछ उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
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पुलिस कार्रवाई और प्राथमिकी
नगर थाना प्रभारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। डॉक्टरों और निजी नर्सिंग होम संचालकों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।