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Bihar Cabinet: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली कैबिनेट में 18 एजेंडे पास, बिहार में महंगाई भत्ते पर बड़ा फैसला

Wed, 13 May 2026 11:34 AM IST
Aditya Anand न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिपरिषद् विस्तार के बाद आज पहली बार कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने महंगाई भत्ते सहित कई बड़े फैसले लिए।
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सीएम सम्राट चौधरी मंत्रिपरिषद् के अहम फैसले आए सामने। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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पटना के मुख्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कैबिनेट की पहली बैठक की। पहले से ही अनुमान था कि वह आज बिहार सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा कर सकते हैं। वही हुआ। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। बुधवार को 18 प्रस्तावों पर सम्राट चौधरी कैबिनेट ने मुहर लगाई है।

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वित्त विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, सातवें केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता/राहत 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 474 फीसदी से बढ़ाकर 483 फीसदी करने की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह एक अन्य बड़े फैसले के तहत पटना मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹768.12 करोड़ की राशि (राज्य शेयर) की प्रशासनिक स्वीकृति एवं विमुक्ति का निर्णय लिया गया है।

121 नए एम्बुलेंस की स्वीकृति
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के स्वास्थ्य विभाग से संबंधित बड़ा फैसला भी इस बैठक में हुआ। इसके तहत राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों एवं अस्पतालों में उपचार हेतु आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए 121 नए एम्बुलेंस (ALS और BLS) के क्रय हेतु ₹42.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
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रोजगार को लेकर बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना का नाम बदलकर "मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग कलस्टर विकास योजना" किया गया है। बियाडा के औद्योगिक क्षेत्र में "सामान्य सुविधा केन्द्र (CFC)" की स्थापना हेतु बियाडा को विशेष उपक्रम (SPV) नामित किया गया है। सीधे रोजगार देने से जुड़ा एक बड़ा फैसला पटना जिले के फतुहा को लेकर सामने आया है। मेसर्स पाटलिपुत्रा डेयरी प्रोजेक्ट फतुहा के आलोक में फुल क्रीम मिल्क (84,000 लीटर प्रतिदिन), टोंड मिल्क (36,000 लीटर प्रतिदिन), दही (60,000 लीटर प्रतिदिन), छाछ (20,000 लीटर प्रतिदिन) & मक्खन (1,980 लीटर प्रतिदिन) क्षमता की उत्पादन इकाई की स्थापना हेतु ₹97.17 करोड़ के निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति दी गई है। इससे 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से बताया गया कि बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने अपराध और साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले पांच जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के कुल पांच पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इन जिलों में अतिरिक्त पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।

मंत्रिमंडल सचिवालय के अनुसार, बिहार नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के विभिन्न पदों के लिए नई वेतन संरचना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सहायक नगरपालिका योजना पदाधिकारी के पद को मूल कोटि (अराजपत्रित) में लेवल-6 वेतनमान तथा नगरपालिका योजना पदाधिकारी के पद को प्रथम प्रावैधिक स्तर (राजपत्रित) में लेवल-7 वेतनमान स्वीकृत किया गया है। सरकार के इस निर्णय से संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को लाभ मिलेगा।सीएम सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठक में “मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना” में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल सचिवालय अनुसार, योजना के तहत सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) की स्थापना को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए योजना का नाम बदलकर “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना” किया गया है। इसके साथ ही जिला स्तरीय समिति को अधिक सशक्त बनाया गया है और औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य सुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष उपक्रम (SPV) गठित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश आकर्षित होगा, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आएगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उद्योग विभाग की ओर से जारी एक अन्य प्रेस नोट में बताया गया है कि बिहार सरकार ने “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP), 2025” की अवधि 30 जून 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही BIIPP 2025 और BIIPP 2016 में संशोधन भी किए गए हैं। संशोधित प्रावधानों के तहत 200 करोड़ से अधिक और 500 करोड़ तक की परियोजनाओं के लिए माइलेज स्टोन तय किए गए हैं, जबकि BIADA द्वारा भूमि आवंटन की अवधि 30 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। साथ ही भूमि आवंटन शुल्क को चरणबद्ध तरीके से कम करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और राज्य में निवेश का माहौल मजबूत होगा।

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