फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Teacher Vacancy : नियोजन की अंतिम उम्मीद भी कैबिनेट ने की खत्म, अब क्या करेंगे TET पास अभ्यर्थी

Tue, 02 May 2023 07:09 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Cabinet Decision Bihar : बिहार में शिक्षक नियुक्ति की नई नियमावली आने के बावजूद CTET और STET पास अभ्यर्थी उम्मीद लगाए बैठे थे। आंदोलन कर रहे थे। लेकिन, उनकी क्षीण उम्मीद भी अब छिन गई है।
 
विज्ञापन
27 फरवरी को चंपारण से 160 किलोमीटर पैदल चलकर 5 मार्च को पहुंचे थे पटना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास कर नियोजन की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर मंगलवार को अंतिम कील भी ठोक दी। पहले बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) नियमावली 2023 को लाकर और अब नियोजन वाले सारे पदों को खत्म कर।
विज्ञापन


 

नाराज शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा करेंगे आन्दोलन - फोटो : अमर उजाला
मरणशील बताया, प्रत्यार्पित करने की सूचना दी गई
बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद 1.78 लाख पदों की स्वीकृति की जानकारी दी गई, हालांकि नई नियमावली की घोषणा के समय भी इतने ही पदों पर नौकरी देने की बात कही गई थी। मंगलवार की बैठक के बाद यह जानकारी दी गई कि नई नियमावली के तहत इन 1.78 लाख पदों के सृजन के लिए पुराने पदों को मरणशील मानते हुए प्रत्यार्पित किया जा रहा है। उसी आधार पर नए पदों का सृजन किया जा रहा है। बताया गया कि नई नियमावली के बाद पंचायत प्रारंभिक शिक्षक व नगर प्रारंभिक शिक्षक के मूल कोटि के 39,758 सृजित पद और जिला संवर्ग के मूल कोटि के 40,185  पद 'मरणशील’ हो गए हैं। विशेष शिक्षक के लिए पंचायत प्रारंभिक शिक्षक व नगर प्रारंभिक शिक्षक में मूल कोटि एवं स्नातक कोटि के 5534 एवं 1745 सृजित पदों को प्रत्यर्पित किया जा रहा है। इसके अलावा, पंचायती राज एवं नगर निकाय संस्था अंतर्गत पूर्व से उच्च माध्यमिक शिक्षक 57618 सृजित पद एवं माध्यमिक शिक्षक के 35186 सृजित पद को प्रत्यर्पित किया जा रहा है।

 
विज्ञापन

विधानसभा और सचिवालय को घेरने की दी धमकी - फोटो : अमर उजाला
मरणशील और प्रत्यार्पित का मतलब भी समझिए
इन पदों को मरणशील बताने और प्रत्यार्पित करने का अर्थ सीधे-सीधे यह है कि सरकार ने सातवें चरण के नियोजन को लेकर रत्ती भर की संभावना भी खत्म कर दी है। इसी संभावना को देखते हुए एसटीईटी और सीटीईटी पास अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे थे। सरकार ने नई नियमावली जारी करते समय ही स्पष्ट किया था कि अब नियोजन की प्रक्रिया आगे नहीं होगी, लेकिन उन पदों के जिंदा रहने की सूचना के कारण STET और CTET पास अभ्यर्थी उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनकी मांगों पर सरकार आज नहीं तो कल विचार करेगी। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि वह पात्रता की परीक्षाएं पास कर नियोजन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सरकार ने नियोजन की प्रक्रिया खत्म कर दी है। सरकार ने आयोग के जरिए परीक्षा लेकर नई नियुक्ति का फैसला लिया है, जबकि इन अभ्यर्थियों की मांग है कि पहले से पात्रता परीक्षाएं पास कर नियोजन का इंतजार करने वालों को सातवें चरण में बहाल करने के बाद परीक्षा की नई व्यवस्था की जाए। लेकिन, अब पदों को मरणशील बताने और प्रत्यार्पित करने के बाद तय हो गया कि जब पद ही नहीं है तो नियुक्ति कैसे होगी!
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें