सीएम नीतीश कुमार ने कुल 47 प्रस्तावों को स्वीकृति दी। आगामी चुनाव से पहले नौकरी को लेकर किए गए अपने वादे को सीएम नीतीश कुमार हर हाल में पूरा करना चाहते हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने कई विभागों में नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इनमें सबसे अधिक पद सृजन के प्रस्ताव शिक्षा विभाग से हैं। इसके अलावा अन्य कई विभाग में भी नए पदों के सृजन के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदर्शन की गई है। आइए जानते हैं सीएम नीतीश कुमार ने और किन-किन प्रस्तावों पर स्वीकृति दी।
शिक्षा विभाग में सीएम नीतीश कुमार ने 935 पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इनमें बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड में विभिन्न कोटि के कुल 818 पदों तथा बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् के लिए कुल 63 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। वहीं शिक्षा विभाग अन्तर्गत संचालित सरकारी विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं कार्यालयों की भूमि का सत्यापन, भूमि के विवरण का संकलन एवं संरक्षण तथा विभाग के अन्य विकासात्मक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए ससमय भूमि की उपलब्धता हेतु संविदा के आधार पर तीन वर्षों के लिए भू-सम्पदा पदाधिकारी के दो एवं सहायक भू-सम्पदा पदाधिकारी के 38 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
इन विभाग में 653 पदों के सृजन की स्वीकृति को मंजूरी
सीएम नीतीश कुमार ने कृषि विभाग के अन्तर्गत बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-9 (सांख्यिकी) (भर्ती, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त ) नियमावली, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई। बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड, पटना में प्रतिनियुक्ति संविदा के आधार पर कुल 653 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। वहीं समाज कल्याण विभाग के अधीन महिला एवं बाल विकास निगम अंतर्गत मुख्यालय (निगम) जिला, अनुमंडल स्तर पर कुल 390 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में पांच नए प्रशाखाओं का सृजन हेतु बिहार सचिवालय सेवा के अवर सचिव के एक पद, प्रशाखा पदाधिकारी के पांच पद एवं सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के 22 पद समेत कुल 28 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अन्तर्गत राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के लिए चालक का दो पद के सृजन की स्वीकृति दी गई।
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नगर विकास एवं आवास विभाग 1350 पदों का सृजन
नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत बिहार शहरी आयोजन तथा विकास नियमावली, 2014 के प्रावधानों के आलोक में 07 आयोजन क्षेत्र प्राधिकार (बोधगया, गया, राजगीर, बिहारशरीफ, आरा, मुजफ्फरपुर एवं सहरसा) में पूर्व से सृजित विभिन्न कोटि के 147 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए राज्य के प्रत्येक जिला में एक जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का कार्यालय गठन करने एवं उक्त 38 कार्यालयों को सौंपे गये कार्यों एवं दायित्वों के समुचित निर्वहन के लिए एक सौ बारह करोड़ पांच लाख चौहत्तर हजार आठ सौ चौवालीस रुपये के अनुमानित वार्षिक लागत व्यय पर विभिन्न प्रकार के कुल 1350 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
इन दो अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया
स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत जितेन्द्र कुमार, औषधि निरीक्षक, पटना-05 सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध आय से अधिक चल एवं अचल सम्पति के प्रत्यानुपातिक धर्नाजन, सरकारी पद पर कार्यरत अवधि में पद का भ्रष्ट उपयोग तथा निलंबन अवधि के लिए निर्धारित मुख्यालय में बिना योगदान किये ही अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप / आरोपों के लिए उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के ही तहत जटाशंकर पाण्डेय, (बिहार अल्पसंख्यक कल्याण सेवा वरीयता क्रमांक 156/2013) तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, सिवान सम्प्रति जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, जमुई को सेवा से बर्खास्तगी की स्वीकृति दी गई।