बिहार की मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। दोनों ही सीटों पर महागठबंधन से राजद ने अपने उम्मीदवारों को खड़ा किया है। इस चुनाव प्रचार से नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी ने दूरी बना ली है।
बिहार की सियासत में उलटफेर हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। कुछ महीने पहले की ही बात है कि नीतीश कुमार भाजपा से नाता तोड़कर राजद के साथ हो लिए थे। परिणामस्वरूप, भाजपा सत्ता से बाहर हो गई और राजद-जदयू ने सरकार बनाई।
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हालांकि, इस सियासी उलटफेर के बाद एक बार फिर से महागठबंधन चर्चा में आ गया है। इस बार चर्चा है कि क्या महागठबंधन में सब कुछ सही चल रहा है? इस सवाल का जवाब तो किसी को नहीं पता, लेकिन हालिया उपचुनाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मांझी ने बनाई चुनाव प्रचार से दूरी
दरअसल, बिहार की मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। दोनों ही सीटों पर महागठबंधन से राजद ने अपने उम्मीदवारों को खड़ा किया है। मोकामा से नीलम सिंह राजद उम्मीदवार हैं तो गोपालगंज से पार्टी ने मोहन प्रसाद गुप्ता को उतारा है। अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए राजद ने पूरी ताकत झोंक दी है। हालांकि, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा(हम) प्रमुख जीतन राम मांझी ने चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा है कि स्वास्थ्य कारणों से पार्टी प्रमुख चुनाव प्रचार में शामिल नहीं होंगे। हम की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री संतोष सुमन दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार करेंगे।
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नीतीश ने भी बना रखी है दूरी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मोकामा और गोपालगंज विधानसभा उपचुनाव के प्रचार से दूरी बना रखी है। बिहार में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि नीतीश कुमार अपने सहयोगी दल के चुनाव प्रचार में शामिल क्यों नहीं हुए?