बिहार की गोपालगंज विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। भाजपा इस निर्वाचन क्षेत्र को अपने पास बरकरार रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जबकि सत्तारूढ़ महागठबंधन के सबसे बड़े घटक राजद भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। राजद की पूरी कोशिश है कि इसे भगवा खेमे से छीन लिया जाए। गौरतलब है कि इस सीट पर तीन नवंबर को उपचुनाव होना है।
ये हैं उम्मीदवार
बिहार की गोपालगंज विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने दिवंगत प्रधान सुभाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी को मैदान में उतारा है। वहीं, राजद के मोहन गुप्ता उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उन्हें राज्य में सत्ताधारी महागठबंधन के सातों दलों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) ने इंदिरा यादव को गोपालगंज विधानसभा सीट पर उम्मीदवार घोषित किया है। इंदिरा यादव राबड़ी देवी के भाई व गोपालगंज के पूर्व सांसद साधु यादव की पत्नी हैं। वह इस विधानसभा सीट से दूसरी बार चुनाव लड़ रही हैं, इससे पहले 2005 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी हैं।
राजद-भाजपा में हो रहा वार पलटवार
इस उपचुनाव को लेकर इन दिनों बिहार में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। भाजपा और राजद के नेताओं के बीच वार-पलटवार चालू है। वहीं, बिहार राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने रविवार को बिहार भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा दिवंगत विधायक सुभाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी को मैदान में उतारकर मतदाताओं की सहानुभूति को भुनाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि लेकिन भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र लालू प्रसाद के गृह जिले के अंतर्गत आता है। उन्होंने कहा कि हमारे उम्मीदवार भारी अंतर से सीट जीतेंगे। भाजपा का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है। भाजपा उम्मीदवार की जमानत तक जब्त हो जाएगी।
वहीं, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस बयान पर बिहार भाजपा ने भी पलटवार किया है। बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि गोपालगंज 'भाजपा का गढ़' है क्योंकि पार्टी 2005 से इस सीट से जीत रही है। उन्होंने कहा कि सुभाष सिंह निर्वाचन क्षेत्र के लोकप्रिय नेता थे। गोपालगंज की जनता उपचुनाव में महागठबंधन को मुंहतोड़ जवाब देगी और अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए हमारे उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करेगी।
भाजपा विधायक के निधन के बाद हो रहे उपचुनाव
बता दें, गोपालगंज विधानसभा सीट के भाजपा विधायक सुभाष सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हो रहे हैं। सुभाष सिंह ने इस सीट पर 77791 वोट हासिल किए थे, उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा प्रत्याशी साधु यादव को हराया था। वहीं महागठबंधन से कांग्रेस उम्मीदवार आसिफ गफूर तीसरे नंबर पर रहे थे। इस सीट पर तीन नंवबर को मतदान होगा वहीं छह नंबर को मतगणना की जाएगी।