बिहार विधानसभा की चार सीटों पर बुधवार को उप चुनाव के लिए वोट पड़ेंगे। बुधवार को मतदान सुबह 7:00 से शुरू हो जाएगा। बेलागंज, इमामगंज, तरारी और रामगढ़ विधानसभा में कुल 38 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। इन प्रत्याशियों में 33 पुरुष, जबकि पांच महिला प्रत्याशी हैं। विधानसभा की इन चारों सीटों पर चुनाव प्रचार का शोर सोमवार की शाम पांच बजे थम गया था। चारों विधानसभा क्षेत्र में कुल 1277 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में 305, इमामगंज में 346, रामगढ़ विधानसभा में 294 और तरारी विधानसभा क्षेत्र में 332 बूथ हैं। चारों विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 लाख 2 हजार 63 मतदाता हैं। इनमें बेलागंज में 2 लाख 88 हजार 782, इमामगंज में 3 लाख 15 हजार 389, रामगढ़ में 2 लाख 89 हजार 743 और तरारी विधानसभा में 3 लाख 8 हजार 149 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव इसलिए भी मायने रख रहा, क्योंकि महागठबंधन के खाते की तीन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास रही एक सीट पर वोटिंग के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में रहेंगे।
बिहार के चार सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। पहले से बेलागंज, रामगढ़ और तरारी विधानसभा सीट महागठबंधन के कब्जे में था। तीनों सीटों के विधायक इसी साल लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंच गए तो यह सीटें ख्नाली हुईं। एक इमामगंज विधानसभा सीट राजग के खाते में थी। इसलिए, इस बार राजद को अपनी तीनों सीटें बचाने की चुनौती चर्चा में है और लालू प्रसाद यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव की प्रतिष्ठा बचाने के लिए खुद चुनाव प्रचार के मैदान में उतर चुके हैं।
रामगढ़ : राजद और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला
रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में राजद और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। बहुजन समाजवादी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटी है। अब देखना होगा रामगढ़ के इतिहास फिर दोहराएगा या नहीं? रामगढ़ के विधायक सुधाकर सिंह के बक्सर से सांसद का चुनाव जीतने के बाद सीट खाली हो गई थी। 2020 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी भाजपा, राजद और बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बनता दिख रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के सुधाकर सिंह ने महज 189 वोटों से बसपा के अंबिका यादव को हराया था। मात्र 1999 में मत पीछे रहकर भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार सिंह तीसरे स्थान पर चले गए थे। इस बार उपचुनाव में राजद को कांटे के मुकाबले की अपनी सीट को बचाने की चुनौती है। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र राजद के लिए पारंपरिक सीट है। इस बार चुनावी मैदान में राजद ने जगदानंद सिंह के छोटे बेटे और यहां के पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के भाई अजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी तरफ बसपा ने अंबिका यादव के भतीजे सतीश कुमार सिंह उर्फ पिंटू यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के अशोक सिंह फिर उम्मीदवार हैं।