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Bihar Board : बैंड बाजा वाले की बेटी बनी टॉपर; कहा- आर्थिक स्थिति से कमजोर हैं, मन से नहीं

Tue, 25 Mar 2025 07:55 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Bihar : बस शादी और लगन के समय कुछ कमाई हो जाती है। बैंड बाजा का काम करते हैं। ट्राली चलाते हैं और बाकी दिन काम नहीं रहने से आर्थिक तंगी रहती है। उस गरीबी में उस शख्स की बेटी इंटर की परीक्षा में टॉप-5 में शामिल हुई। अब लोग घर पर आकर बधाई दे रहे हैं। 
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मुजफ्फरपुर की टॉपर संजना - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली संजना कुमारी ने बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉपर बनी है। संजना कुमारी को 93. 6 प्रतिशत यानी 468 अंक मिले संजना की इस मुकाम पर आने से परिवार में ही नहीं गांव में जश्न का माहौल स्कूल के शिक्षक से लेकर स्कूल के प्रचार अपने छात्र की इस परिणाम पर खुश नजर आ रहे हैं। 

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बैंड बाजा वाले की बेटी बनी टॉपर 
पेशे से बैंड बाजा और ट्रॉली चलाने वाले अंजाम कोट गांव निवासी संजय कुमार राम की बेटी संजना कुमारी ने अपने जिले का मान बढ़ाया है। बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के कला संकाय में टॉप 5 में अपनी जगह बनाई है। संजना कुमारी को बिहार बोर्ड की परीक्षा 2025 की परीक्षा में 93.6% अंक आये हैं। संजना के इस परिणाम से परिवार ही नहीं पूरे गांव में खुशी का माहौल है। गांव के लोग अब घर आकर परिवार को बधाई दे रहे हैं।अपनी आज इस परिणाम पर संजना कुमारी कहती है बेहतर मार्गदर्शन और लगातार परिश्रम का परिणाम है, जिस वजह से हमें इतना अच्छा अंक आया है। मैं अपनी इस सफलता के लिए अपने गुरु के साथ अपने परिजनों को इसका श्रेय देते हैं। मां और पिता ने आर्थिक तंगी के बावजूद मुझे हमेशा पढ़ाई के लिए जागरूक करते थे। मुझे पढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहे। गुरु से मिले बेहतर मार्गदर्शन का आज सकारात्मक परिणाम आया कि मैं बिहार बोर्ड की परीक्षा में टॉप फाइव में शामिल हुई।


 

बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं
संजना कुमारी के पिता संजय कुमार राम कहते हैं कि हम लोग बेहद गरीब हैं। शादी और लगन के समय कुछ कमाई हो जाती है। मैं बैंड बाजा का काम करता हूं और ट्राली चलाता हूं। लेकिन बाकी दिन काम नहीं रहने से आर्थिक तंगी रहती है, फिर भी हमने कर्ज लेकर अपने बच्चों को पढ़ाया और आज मेरे बच्चे अच्छे मुकाम पर हैं। परिवार में तीन बच्चों में एक लड़का बीपीएससी की परीक्षा को पास कर शिक्षक बन चुका है। वहीं दूसरा बेटा बीपीएससी की तैयारी कर रहा है।अब एक बेटी ने भी हमारी खुशी को नए पंख दे दिए हैं। बेटी ने बिहार में टॉप कर यह साबित कर दिया है कि बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं।

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