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बिहार से भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का नाता खत्म होने के कगार पर

Sun, 12 Feb 2017 09:17 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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बिस्मिल्लाह खां
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भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का बिहार के साथ जो नाता था, अब वो भी टूटता नजर आ रहा है। दरअसल, बक्सर जिले के सब-डिविजन अंतर्गत दुमरांव गांव के भिरुख राउत की गली में उनका मकान था। बिस्मिल्ला ने अपने घर के लिए करीब 5 दशक पहले जमीन खरीदी थी। लेकिन रखरखाव में कमी के कारण घर के कई भाग ढह गए। उसकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा को अतिक्रमण भी कर लिया गया। बचा है तो सिर्फ एक बरामदा और कुछ काली-सफेद तस्वीर के साथ एक छोटा सा कमरा।
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गौरतलब है कि, शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां का जन्म 21 मार्च 1916 को बिहार के दुमरांव गांव के एक थरथाली गली में हुआ। जब उस्ताद 2 साल के थे तब उनके पिता पैगंबर बक्श खान और मिट्ठन दोनों मिलकर भिरुख राउत की गली में जमीन खरीदी और वहां शिफ्ट हो गए। लेकिन बिहार से बनारस शिफ्ट हो जाने के बाद पैगंबर के भाई ने वहां कि जमीन को बेच दी।
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बिहार सरकार भी बिस्मिल्ला खां की जमीन अतिक्रमण की रक्षा करने में सक्षम नहीं

हालांकि, बिस्मिल्ला खां के नए घर के मालिक ने कहा कि उस्ताद जहां पैदा हुए थे वहां अब मदरसा है। उस्ताद के पिता द्वारा खरीदा गया घर,अब दूसरे परिवार को बेच दिया गया है। मालिक ने कहा कि उस्ताद के लड़कों ने अतिक्रमण के मुद्दों के कारण मेरे हाथों घर बेच दिए। उन्होंने कहा कि इसी के साथ जल्द ही बिहार से बिस्मिल्ला खां का नाता खत्म हो जाएगा।

सूचना के मुताबिक, एक दशक पहले बिहार सरकार ने एक प्रस्ताव में दुमरांव गांव में उनकी यादों के संरक्षण के लिए स्मारक, संग्राहलय और कलाकारों के लिए एक सभागार बनाने की घोषणा की थी।

बहरहाल, दुमरांव के सब-डिविजनल अधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन ने उस्ताद बिस्मिल्ला खां की स्मृति में दुमरांव ब्लॉक कार्यालय के पास एक सभागार का निर्माण करने के लिए 3 कट्ठा जमीन अधिग्रहण किया था। लेकिन कोई नहीं जानता कि कब यह बनेगा। हालांकि, सवाल यह उठ रहा कि क्या बिहार सरकार भी बिस्मिल्ला खां की जमीन अतिक्रमण की रक्षा करने में सक्षम नहीं है?


 
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