नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र की योजना से अलग राज्य सरकार अपने खजाने से मिड डे मील की राशि लाभार्थियों के खाते में डाल रही है। आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने लोगों से अपील की। नीतीश ने कहा कि चुनाव को लेकर लोगों को कोरोना से और सतर्क रहना होगा। मैंने कई जगहों पर लोगों को बिना मास्क के देखा है। सभी लोगों को मास्क का प्रयोग करना है, सामाजिक दूरी का पालन करें। घर के बुजुर्ग, गंभीर बीमारी से पीड़ित, गर्भवती महिलाएं और बच्चे बेवजह और जब तक बहुत जरूरी न हो तब तक घर से बाहर न निकलें।
नीतीश ने कहा, 'कोरोना का जो दौर चला उस पर मार्च से हम लोगों ने ध्यान देना शुरू कर दिया था। सब लोगों को सचेत रहना चाहिए। लॉकडाउन में हमने लोगों को प्रेरित किया। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अनलॉक-1 शुरू हुआ। एक-दो चीज पर हम लोगों ने ध्यान दिया है। राज्य में पर्याप्त संख्या में आईसीयू बेड हैं, अस्पताल हर स्थिति के लिए तैयार हैं। मेडिकल किट, डॉक्टर से परामर्श सुविधा, काल सेंटर के माध्यम से भी लोगों को परामर्श दिया जाता है।'
मुख्यमंत्री ने कोरोना को लेकर सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि इलाज से लेकर मौत होने की परिस्थिति में 4 लाख रुपये का मुआवजा देना तय किया गया है। राज्य भर के प्रवासी बिहारियों को 14 दिन क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। 15 लाख से ज्यादा लोग वापस बिहार आए और क्वारंटीन सेंटर पर एक व्यक्ति पर 14 दिन में 5,300 रुपये खर्च किए गए। हमने लोगों की इस तरह से सेवा की। केंद्र और हमने राशन के मामले में भी मदद की। हम प्रचार नहीं सेवा करते हैं।
कोरोना परीक्षण को लेकर नीतीश ने इशारों-इशारों में तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बोलने वाले तो कुछ भी बोलते रहते हैं, उन्हें तथ्यों की जानकारी तो होती नहीं है। आज बिहार में प्रतिदिन डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो रही है। दस लाख की जनसंख्या पर 32,233 लोगों की जांच की गई। आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता 11,350 है लेकिन हम इसे बढ़ाकर 20 हजार करना चाहते हैं। भारत सरकार से हमें 10 हजार आरटी-पीसीआर जांच मशीन मिलने वाली है। केंद्र हमें 8,800 अमेरिकी मशीन कोबास देने वाला है।