बिहार में पंचायतों के विकास और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में षष्ठम राज्य वित्त आयोग के तहत 1,850 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि से पंचायतों में कार्यरत कर्मियों के मानदेय, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मासिक भत्ते, ग्रामीण पेयजल योजना के अनुरक्षण और विभिन्न आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। वहीं, पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए 217.5 करोड़ रुपये और कन्या विवाह मंडपों के निर्माण के लिए 123.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पंचायती राज विभाग ने बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने 16वें वित्त आयोग की राशि, ग्राम सभा के अधिकार, पंचायतों के कर और शुल्क संबंधी नियमावली, ग्राम कचहरियों के सशक्तीकरण और सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान की प्रगति की जानकारी दी है।
पंचायतों के बैंक खातों के लिए एक बैंक प्राधिकृत
16वें वित्त आयोग की राशि के प्रबंधन को लेकर विभाग ने बताया कि वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंचायतों की निधि के प्रबंधन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारतीय स्टेट बैंक का चयन किया गया है। वहीं, केंद्र सरकार ने 31 अगस्त 2026 के पत्र में निर्देश दिया है कि 16वें वित्त आयोग के अनुदान के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) से जुड़े किसी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में ब्याज अर्जित करने वाला खाता खोला जाए। विभाग के अनुसार, पंचायतों के वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए एक ही बैंक को प्राधिकृत किया गया है।
छठे राज्य वित्त आयोग से 1,850 करोड़ रुपये जारी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में षष्ठम राज्य वित्त आयोग के तहत 1,850 करोड़ रुपये विभिन्न मदों में जारी किए गए हैं। इसमें कार्यपालक सहायकों, डाटा एंट्री ऑपरेटरों, तकनीकी सहायकों और लेखापालों के मानदेय के साथ पंचायत प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते भी शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अनुरक्षण, पंचायत सरकार भवनों और मोक्षधाम, श्मशान घाट, शवदाह गृह व मुक्तिधाम के निर्माण के लिए भी राशि दी गई है। विभाग ने बताया कि आयोग की अनुशंसा के अनुसार शेष देय राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
ग्राम सभा के अधिकार और पंचायतों की योजनाएं
ग्राम सभा के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर विभाग ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 50 प्रतिशत अनटाइड अनुदान की अनुशंसा की गई है। इसके तहत संविधान की 11वीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों के अंतर्गत संबंधित विभागों से परामर्श कर योजनाओं और गतिविधियों को शामिल किया जाना है। विभाग के अनुसार, इसके लिए तैयार सूची संकेतात्मक है। सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को इसमें शामिल किया गया है।
पंचायतों के कर और शुल्क की नियमावली पर फैसला प्रक्रियाधीन
पंचायतों की आय बढ़ाने से संबंधित ओएसआर (स्वयं के स्रोत से राजस्व) नियमावली के मामले में विभाग ने बताया कि 15 जुलाई 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 बनाने की मंजूरी दी गई थी। हालांकि, इसकी अधिसूचना जारी करने के संबंध में उच्चस्तरीय निर्णय की प्रक्रिया अभी चल रही है।
पटना के जिला पंचायत राज कार्यालय की वित्तीय अनियमितताओं की जांच
पटना जिला पंचायत राज कार्यालय में मिली वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विभाग ने पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच प्रतिवेदन की समीक्षा के बाद विभाग ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग), नई दिल्ली से वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान कार्यालय में हुई वित्तीय अनियमितताओं का विशेष अंकेक्षण कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही पटना के जिलाधिकारी को संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
पंचायत सरकार भवन और कन्या विवाह मंडप के लिए राशि मंजूर
विभाग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों के लिए कुल 217.5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं, कन्या विवाह मंडपों के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 123.53 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त विभाग स्तर पर 150 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन प्रक्रियाधीन है।
ग्राम कचहरियों के लिए 4,000 रुपये सालाना
ग्राम कचहरियों को प्रशासनिक खर्च के लिए प्रतिवर्ष 4,000 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। विभाग के मुताबिक, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते के भुगतान के लिए सितंबर 2026 तक का आवंटन सभी जिलों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिलों से मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 तक का भुगतान किया जा चुका है। ग्राम कचहरियों के नोटिस की तामील चौकीदारों के माध्यम से कराने के लिए मुख्य सचिव के स्तर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भी दिया गया है।
कायाकल्प पोर्टल पर 28,573 योजनाएं अपलोड
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत पोर्टल पर नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण और पहले से मौजूद परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत से जुड़ी कुल 28,573 योजनाएं अपलोड की गई हैं। विभाग ने अभियान को लागू करने के लिए जिलाधिकारियों और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी परेशानी नहीं हो, इसके लिए संबंधित पोर्टल को 20 अक्तूबर तक खुला रखा गया है।