फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार बोर्ड के आदेश के बाद चप्पल पहनकर एग्जाम देने पहुंचे छात्र, उतरवाए गए जूते

Wed, 21 Feb 2018 12:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
विज्ञापन
चप्पल पहनकर बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी - फोटो : PTI
विज्ञापन

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 10वीं की परीक्षा में परीक्षार्थियों के जूता मोजा पहनने पर रोक लगा दी है। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा भवन में उन्हीं परीक्षार्थियों को प्रवेश मिलेगा जो चप्पल या सैंडल पहनकर आएंगे। BSEB के आदेश का असर पूरे बिहार में देखने को मिल रहा है। परीक्षार्थी चप्पल पहनकर एग्जाम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने पटना के विद्यालयों की तस्वीरें जारी की हैं जहां भारी संख्या में स्टूडेंट्स चप्पल पहनकर पहुंचे हैं। जो छात्र जूते पहनकर आए थे, उनके जूतों को परीक्षा भवन के बाहर ही उतरवा दिया गया। 

 

विज्ञापन


 

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने मीडिया को बताया था कि इस साल परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में जूता मोजा पहनकर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों को चप्पल पहनकर ही परीक्षा में शामिल होना होगा। उन्होंने बताया कि संबंधित जिले के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। परीक्षा हॉल में सिर्फ पेन-पेन्सिल और एडमिट कार्ड ले जाने की अनुमति है। 

उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि इस प्रकार के आदेश दिए जा रहे हों। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसा किया जाता रहा है। मैट्रिक में जूते-मोजों की रोक को पहली बार लागू किया जा रहा है। राज्य में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाली मैट्रिक परीक्षा में 17 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं जिनके लिए 1426 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें