बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की शानदार जीत की चर्चा हर तरफ है लेकिन इस सबके बीच एक काला सच भी सामने आया है। बिहार विधानसभा इस बार आधे से ज्यादा दागी उम्मीदवारों से भरी होगी।
चुनाव जीतकर आए विधायकों में से लगभग 58 फीसदी पर किसी न किसी मामले में मुकदमा दर्ज है। 243 सदस्यीय विधानसभा में से कुल 142 सदस्य ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
यूं तो 80 विधायकों के साथ लालू यादव की राजद बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है लेकिन सबसे ज्यादा दागी विधायक भी लालू की पार्टी के ही हैं। 80 में से लालू 46 विधायकों पर विभिन्न मामलों में मुकदमे पंजीकृत हैं।
बिहार इलेक्शन वाच और एसोसिएशन ऑफ डमोक्रेटिक रिफार्म्स की रिसर्च के अनुसार पिछली विधानसभा के मुकाबले मौजूदा 16वीं विधानसभा में अपराधिक प्रवृत्ति के सदस्यों की संख्या में एक फीसदी की वृद्िध हुई है।
40 फीसदी पर हत्या और बलात्कार के मुकदमे दर्ज
नामांकन में दी गई जानकारी के अनुसार जीते लगभग 40 फीसदी (98) विधायकों ने बताया है कि उनके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।
इनमें से 49 फीसदी (70) के खिलाफ आपराधिक मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है। बिहार इलेक्शन वाच (BEW) के राज्य समन्वयक राजीव कुमार के अनुसार झंझरपुर से राजद विधायक गुलाब सिंह यादव के नामांकन पत्र के अनुसार उनके खिलाफ बलात्कार का एक मामला लंबित है।
जबकि दस विधायकों के खिलाफ अपहरण जैसे गंभीर मामलों में आरोपी हैं। मोकामा से निर्दलीय बाहुबलि विधायक अनंत कुमार सिंह के खिलाफ अपहरण और हत्या के दो मामले लंबित हैं।
अगर दल वार इसका जिक्र करें तो सबसे ज्यादा 46 दागी विधायकों के साथ राजद टॉप पर है। जबकि जेडीयू के 71 में से 37, भाजपा के 53 में से 34 और कांग्रेस के 27 में से 16 विधायक आपराधिक रिकार्ड वाले हैं। जबकि सीपीआईएम के जीतने वाले तीनों विधायक और रालोसपा और लोजपा के एक एक विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
जेडीयू की पूनम यादव सबसे अमीर विधायक
वहीं अगर संपति के मामले में बात करें तो जेडीयू की पूनम यादव 41 करोड़ की संपति के साथ सबसे अमीर हैं। उनके बाद भागलपुर से कांग्रेस विधायक 40 करोड़ की सपंति के साथ दूसरे और मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह 28 करोड़ की संपति के साथ तीसरे नंबर पर हैं।
जबकि नामांकन की घोषणा के अनुसार सबसे कम संपति रानीगंज से जेडीयू विधायक अचमित ऋषिदेव के पास मात्र 9 लाख रुपये है। सीपीएआई एमएल के दरौली से विधायक सत्यादेव राव के पास 11 और बरहरिया से जेडीयू विधायक श्याम बहादुर सिंह के पास मात्र 14 लाख की संपति है।
खास बात ये है कि इस बार जहां जीतने वालों में युवा उम्मीदवारों की संख्या काफी ज्यादा रही वहां 38 फीसदी सदस्य पांचवी से 12वीं तक ही पढ़े हैं। जबकि लगभग 57 फीसदी (138) सदस्य स्नातक हैं।