बिहार में बेशक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्ण शराबबंदी का नियम लागू कर दिया हो लेकिन ये भी सच है कि राज्य में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा रोज बढ़ता जा रहा है। एक दिन पहले ही जहरीली शराब पीने के कारण गोपालगंज में 13 लोगों की मौत हो गई।
जहरीली शराब से हुई इन मौतों में पीड़ित परिवारों से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मचा है। प्रशासन के सामने शराब बिक्री पर लगाम न लगा पाने का सवाल खड़ा हो गया है तो पीड़ित परिवार भी डर के साये में हैं।
अप्रैल महीने से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से शराब के कारण होने वाली मौतों का सिलसिला एकाएक बढ़ गया है। इनमें से काफी लोग तो ऐसे हैं जो शराब ने मिलने की वजह से दूसरे नशीले पदार्थों को खाकर अपनी जान गंवा बैठे तो कुछ ने जहरीली शराब को मुंह से लगाकर अपना जीवन खत्म कर लिया।
गोपालगंज जिले में हुई घटना
गोपालगंज जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया है जहां पिछले दो दिनों में जहरीली शराब के सेवन के कारण 13 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
बताया जा रहा है मरने वालों का यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है क्योंकि जहरीली शराब के कारण बीमार पड़े काफी लोग अभी जहां तहां अपना इलाज करा रहे हैं। जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
गोपालगंज के हरखुआ कस्बे में जहरीली शराब के कहर का ये सिलसिला सोमवार शाम शुरू हुआ। जब चुपचाप कच्ची शराब पी रहे कुछ लोगों को अचानक उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। परिजनों ने उन्हें आनन फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया जहां लोगों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया।
नीतीश सरकार पर उठ रहे सवाल
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बताया जाता है मंगलवार शाम तक 13 लोगों की मौत जहरीली शराब की वजह से हो गई थी। वहीं जहरीली शराब की सूचना पर प्रशासन की टीम भी अस्पताल पहुंची। लेकिन उसने यह कहकर मामले को टाल दिया कि मौतें शराब से नहीं विभिन्न बीमारियों के कारण हुई है।
दूसरी ओर प्रशासन के डर से पीड़ित परिवारों ने भी चुपचाप मरने वालों का अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि एक के बाद एक हुई मौतों के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। हालांकि जिलाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि फिलहाल मरने वाले लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही कुछ कहा जाएगा।
बता दें कि बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू करने के बाद शराब से इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मरने की यह पहली घटना है। एक साथ इतने लोगों की मौतों ने प्रशासन के साथ साथ सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।