Bihar News : भागलपुर जंक्शन से बहुत सारे लोग कटिहार-पूर्णिया आदि जाते थे। इसी तरह, नवगछिया स्टेशन उतरकर भी लोग भागलपुर आते थे। विक्रमशिला सेतु गिरने के बाद यह विकल्प खत्म हो गया है। भागलपुर की ट्रेनों पर भार बढ़ेगा। नवगछिया स्टेशन पर वीरानी छाएगी।
भागलपुर का विक्रमशिला सेतु क्या गिरा, बिहार में जैसे हाहाकार मच गया। सरकार को आननफानन में प्रेस कांफ्रेंस कर दावा करना पड़ा कि तीन महीने में ठीक कर लेंगे। सेना लगाएंगे। लेकिन, परेशानी तीन महीने की भी हो तो कम नहीं। सड़क मार्ग पर संकट किस तरह का है, यह नीचे की खबरों के लिंक से समझ सकते हैं और विकल्प भी। इस खबर में बात रेलवे की। विक्रमशिला सेतु पर ट्रेन की आवाजाही नहीं, जैसा राजेंद्र सेतु पर है। लेकिन, विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद ट्रेन का पूरा सिस्टम हल जाएगा। एक तरफ जमालपुर-भागलपुर रूट पर दबाव बढ़ेगा, दूसरी तरफ नवगछिया स्टेशन पर वीरानी छाएगी। इसके अलावा, खगड़िया जंक्शन पर भी दबाव बढ़ेगा। यात्रियों के लिए क्या बदल रहा है, समझिए।
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पटना से लखीसराय, किउल, जमालपुर होकर भागलपुर की ट्रेनें चलती हैं। सीमित हैं, लेकिन विक्रमशिला जैसे बेहतर विकल्प हैं। अब इन ट्रेनों पर दबाव बढ़ेगा। पटना की ओर से भागलपुर जाने के लिए और भागलपुर से इस तरफ आने के लिए सड़क के जाम में फंसने से बेहतर ट्रेन का रास्ता होगा, लेकिन भीड़ यहां अब बहुत ज्यादा होगी। इसके अलावा, खगड़िया अब मुंगेर से रेल मार्ग के जरिए भी जुड़ गया है तो भागलपुर जाने वालों के लिए यह भी एक माध्यम होगा। श्रीकृष्ण सेतु पर राजेंद्र सेतु की तरह रेल और सड़क का विकल्प है।