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Bihar News: गैस सिलेंडर फटने से भीषण अग्निकांड दो घर जलकर राख, लाखों का नुकसान; राहत की बात लोग सुरक्षित

Wed, 04 Feb 2026 09:24 PM IST
भागलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

नाथनगर के अजमेरीपुर बैरिया गांव में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। हादसे में दो घर जलकर राख हो गए और पांच लाख रुपये नकद समेत सारा सामान नष्ट हो गया। ग्रामीणों और अग्निशमन विभाग की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
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खाना बनाने के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर में आग लग गई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अजमेरीपुर बैरिया गांव में बुधवार शाम खाना बनाने के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पास के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में अमित मंडल और उनके पड़ोसी कांत लाल मंडल के दो घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घटना में कांत लाल मंडल के घर में रखे करीब पांच लाख रुपये नकद सहित दोनों घरों का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया।

जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले अमित मंडल के घर में लगी। अग्नि पीड़ित अमित मंडल की पत्नी संजू देवी ने बताया कि बुधवार को ही सिलेंडर में गैस भरवाकर लाया गया था। शाम में खाना बनाते समय अचानक गैस लीक होने लगी, जिससे सिलेंडर में आग पकड़ ली। आग की लपटें तेज होने के कारण कुछ ही देर में आग ने भयावह रूप ले लिया और पास के कांत लाल मंडल के घर तक फैल गई।

आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से अग्निशमन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

ये ठीक रहा...दोनों घरों के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल आए

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इस घटना में कांत लाल मंडल के घर में रखे लगभग पांच लाख रुपये नकद जलकर राख हो गए। उनकी पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि वे किसान परिवार से हैं और कर्ज चुकाने के लिए पैसे जमा कर रखे थे, जो आग की भेंट चढ़ गए। गनीमत यह रही कि आग लगने के दौरान दोनों घरों के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

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घटना के दौरान गांव के ही प्रतियोगी परीक्षा के छात्र और पूर्व शिक्षक चक्रधर प्रसाद शर्मा के पुत्र चंद्रमोहन कुमार उर्फ सन्नोज ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने जलते हुए सिलेंडर को आग की लपटों के बीच से बाहर निकालकर बड़ा हादसा टाल दिया। हालांकि इस दौरान वे झुलस गए, जिनका इलाज एक निजी क्लीनिक में चल रहा है।

घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

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