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Bihar: आधी रात की छापेमारी पर बवाल! महिलाओं की चीखों के बीच बरसे डंडे, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

Sat, 06 Jun 2026 10:31 AM IST
भागलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र के अंबाबाग में नशीले पदार्थों की तलाश में की गई पुलिस छापेमारी विवादों में घिर गई है। स्थानीय लोगों और महिलाओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने घरों में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की, जिससे आधा दर्जन से अधिक महिलाएं और युवतियां घायल हो गईं।
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मौके पर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र के अंबाबाग मोहल्ले में पुलिस की छापेमारी के दौरान विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों और स्थानीय महिलाओं ने पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना में कई महिलाओं और युवतियों के घायल होने की बात सामने आई है। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया।
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नशीले पदार्थों की तलाश में पहुंची थी पुलिस

जानकारी के अनुसार, बबरगंज थाना पुलिस शुक्रवार देर रात नशीले पदार्थों की बरामदगी के लिए अंबाबाग इलाके में छापेमारी करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिस तीन गाड़ियों में सवार होकर करीब 25 जवानों के साथ इलाके में पहुंची थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने तीन से चार घरों में छापेमारी की, लेकिन जब कुछ बरामद नहीं हुआ तो महिलाओं के साथ मारपीट शुरू कर दी।

महिलाओं पर लाठी-डंडे बरसाने का आरोप

घायलों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और युवतियों पर लाठी-डंडे चलाए, जिससे आधा दर्जन से अधिक महिलाएं और युवतियां घायल हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाएं लगातार पुलिस से गुहार लगाती रहीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि महिलाएं चिल्लाती रहीं और पुलिसकर्मी उनकी पिटाई करते रहे।
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सुबह से शुरू हुआ था विवाद

घायलों ने बताया कि शुक्रवार सुबह बबरगंज थाने के चालक अमित कुमार अंबाबाग पहुंचे थे। उन्होंने एक घर का दरवाजा खोलने को कहा। उस समय घर में महिलाएं स्नान कर रही थीं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने चालक से कहा कि यदि छापेमारी करनी है तो पूरी पुलिस टीम के साथ आएं, क्योंकि वह सिविल ड्रेस में थे। ऐसे में घर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।

चालक पर गाली-गलौज का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि बातचीत के दौरान चालक अमित कुमार गाली-गलौज करने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर चालक को आशंका हुई कि लोग उनके साथ मारपीट कर सकते हैं। इसी दौरान वह भागने लगे और गिर गए, जिससे उनके हाथ में हल्की चोट लग गई।

रात में दोबारा पहुंची पुलिस टीम

पीड़ितों के अनुसार, कुछ देर बाद अमित कुमार डायल-112 की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि उस समय मामला शांत हो गया था और दिनभर स्थिति सामान्य रही। लेकिन रात करीब 11 बजे बबरगंज थाना पुलिस फिर से तीन गाड़ियों और लगभग 25 जवानों के साथ इलाके में पहुंची।

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दरवाजा तोड़कर घर में घुसने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा खुलने का इंतजार किए बिना दूसरे रास्ते से घर में प्रवेश करने की कोशिश की। आरोप यह भी है कि इस दौरान प्रकाश चौधरी और जितेंद्र चौधरी के घरों के दरवाजे भी तोड़ दिए गए।
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घटना में घायल महिलाओं और अन्य लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। घायलों ने बबरगंज थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोपों की जांच की मांग

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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