भागलपुर जिले के विक्रमशिला सेतु पर हुए हादसे के बाद सरकार सक्रिय हो गई है। बीते रविवार देर रात पिलर संख्या 133 के पास स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एरियल सर्वे किया। इस दौरान बरारी पुल घाट के पास जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने हालात की समीक्षा की
सर्वे के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को घटनास्थल की स्थिति और अब तक की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।
जल्द मरम्मत के निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि पुल निर्माण विभाग की टीम लगातार काम में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मरम्मत कार्य जल्द शुरू किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और यातायात बहाल किया जा सके। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों को कम से कम परेशानी हो और सेतु को सुरक्षित तरीके से जल्द चालू किया जा सके।
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पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था उद्घाटन
विक्रमशिला सेतु का उद्घाटन वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के द्वारा किया गया था। इस पुल की कुल लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर है। यह पुल भागलपुर को कोसी सीमांचल सहित राज्य के कई हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
नाव एकमात्र विकल्प बची
फिलहाल भागलपुर से नवगछिया और कोसी-सीमांचल क्षेत्र तक पहुंचने का एकमात्र विकल्प नाव रह गया है। लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर नाव से सफर कर रहे हैं। पहले जो दूरी करीब 10 मिनट में तय हो जाती थी, अब उसे पार करने में घंटों लग रहे हैं।