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Bihar: तड़पती रही गर्भवती, डॉक्टर के बिना नर्स ने कराई डिलीवरी; जन्म के चंद मिनटों बाद ही नवजात ने तोड़ा दम

Sat, 13 Jun 2026 05:21 PM IST
भागलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

भागलपुर के नाथनगर रेफरल अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की मौत पर विवाद खड़ा हो गया। परिजनों ने डॉक्टर की अनुपस्थिति और अस्पताल की लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है। मामले को लेकर जांच की मांग उठ रही है।

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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भागलपुर के नाथनगर रेफरल अस्पताल में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रसव के समय डॉक्टर मौजूद नहीं थीं और नर्स ने ही डिलीवरी कराई। जन्म के कुछ ही देर बाद नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। मामला बिहारीपुर की रहने वाली पूजा कुमारी से जुड़ा है, जिन्हें प्रसव पीड़ा होने पर परिजन शनिवार सुबह नाथनगर रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
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परिजनों का आरोप, डॉक्टर नहीं थीं मौजूद
परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद नर्स ने मरीज की जांच की। जब भर्ती प्रक्रिया और पर्ची बनाने की बात कही गई तो उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा गया। इसी दौरान प्रसव पीड़ा बढ़ने लगी।परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्स ने ही प्रसव कराया। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान पर्याप्त चिकित्सकीय निगरानी नहीं थी। बच्ची के जन्म के कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि नवजात की हालत की तत्काल जांच भी नहीं की गई।

ड्यूटी डॉक्टर ने नर्सों पर उठाए सवाल
इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अन्वेषा ने बताया कि उन्होंने लेबर रूम का निरीक्षण किया था और ड्यूटी पर मौजूद नर्सों से मरीजों की जानकारी ली थी। उनके अनुसार संबंधित मरीज के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। डॉ. अन्वेषा का कहना है कि प्रसव हो जाने के लगभग 40 मिनट बाद उन्हें मामले की जानकारी मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मरीज की स्थिति गंभीर थी तो इसकी सूचना उन्हें या अस्पताल प्रभारी को समय रहते क्यों नहीं दी गई।
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अस्पताल प्रभारी ने लापरवाही के आरोपों से किया इनकार
वहीं अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज ने अस्पताल में विधिवत भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की थी और उसकी स्थिति पहले से गंभीर थी। प्रभारी के अनुसार, प्रसव के दौरान नवजात की स्थिति पहले से ही खराब थी और मौत के लिए किसी डॉक्टर या नर्स की लापरवाही जिम्मेदार नहीं है। हालांकि घटना के बाद दिए गए विभिन्न बयानों को लेकर अस्पताल प्रशासन के भीतर समन्वय की कमी भी सामने आई है।
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जांच की मांग तेज
नवजात की मौत के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रसव कक्ष की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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