केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लालू प्रसाद अपने बेटे तेजस्वी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और उन्हें बिहार के विकास से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद को युवाओं की कोई चिंता नहीं है। केंद्र में नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश युवाओं के सच्चे हितैषी हैं। शाह ने कहा कि राजद कांग्रेस के कंधे पर बैठकर जंगलराज लाने का प्रयास कर रही है, लेकिन मोदी-नीतीश की सरकार इसे कभी सफल नहीं होने देगी। बिहार की जनता अब दुबारा जंगलराज की वापसी नहीं चाहेगी। तेजस्वी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि अब बिहार में शहाबुद्दीन जैसे लोगों की वापसी नहीं हो सकती। शाह भागलपुर जिले के पीरपैंती स्थित प्रगति मैदान में शुक्रवार को आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 2025 में आपातकाल के पचास साल और जंगलराज के 25 साल पूरे हुए हैं। बिहार में बनने वाली एनडीए की सरकार इन अवसरों पर जंगलराज का सफाया कर देगी। शाह ने यूपीए शासनकाल के बारे में कहा कि मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहते हुए बिहार में महज पाँच बार आए, जबकि नरेंद्र मोदी 10 साल में 55 बार बिहार आए हैं। शाह ने आगे कहा कि 2000–2014 के दौर में लालू-कांग्रेस की सरकार ने बिहार को मात्र ₹2,80,000 करोड़ दिए, जबकि मोदी सरकार ने 10 साल में ₹18,70,000 करोड़ दिए। सरकार 8 करोड़ 52 लाख लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो अनाज दे रही है।
तेजस्वी ने सनातन धर्म का अपमान किया
शाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि तेजस्वी और उनकी पार्टी ने बिहार में सनातन धर्म का अपमान किया है। अयोध्या में रामलला मंदिर का निर्माण हुआ, लेकिन राजद ने इसका विरोध किया था। शाह ने दावा किया कि 2029 में मोदी सरकार के प्रयास से सीतामढ़ी में माता सीता का मंदिर बनेगा।
नरेंद्र मोदी की सरकार ने बिहार में विकास का काम किया है
शाह ने सैयद शहनवाज हुसैन की तरह इशारा करते हुए कहा कि बिहार के उद्योग मंत्री रहते हुए इथेनॉल फैक्ट्री लगाने का काम किया गया था। मखाना बोर्ड, टेक्सटाइल पार्क और बंद चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने का काम चल रहा है। 29 चीनी मिलों को फिर से चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में 87 लाख किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया गया है।
घोटालों की सरकार
शाह ने कहा कि लालू की सरकार के काल में चारा घोटाला, लैंड फॉर जॉब स्कैम, बाढ़ राहत घोटाला और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले शामिल हैं। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या घोटाला करने वाली सरकार बिहार के भले का काम कर सकती है?
लालू-राहुल रोक सकते हैं माता सीता मंदिर का निर्माण