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Bihar Crime: अपने खेत में लगी फसल काटने से डर रहे किसान, पुलिस भी खौफजदा, कई थानों से लेनी पड़ रही मदद

Wed, 26 Mar 2025 05:07 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

Bhagalpur Crime: किसान संजय मंडल ने बताया कि उनका खेत कटिहार के मनिहारी बॉर्डर के पास है। हर बार अपराधी उनकी फसल लूटकर ले जाते हैं। कुछ महीने पहले सरसों की फसल अपराधियों ने काट ली थी। अब गेहूं-मक्का की फसल उनके भैंसों से चरवा दी गई।
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अपराधियों के डर से खेती छोड़ रहे किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भागलपुर जिले के पीरपैंती गंगा नदी के दियारा क्षेत्र में अपराधियों के आतंक के कारण किसानों में दहशत का माहौल है। गेहूं, मक्का और सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। लेकिन किसान अपराधियों के डर से खेतों तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। छोटी मोहनपुर, एकचारी और बाखरपुर के किसानों का कहना है कि हथियारों से लैस अपराधी दिन-दहाड़े खेतों में घूमते हैं। वे न सिर्फ लूटपाट करते हैं बल्कि कई बार किसानों की फसल पर जबरन कब्जा भी जमा लेते हैं। ऐसे में किसान अपनी मेहनत की कमाई को बचाने में असहाय महसूस कर रहे हैं।

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फसल लूटने और चराने की घटनाओं से किसान परेशान
किसान संजय मंडल ने बताया कि उनका खेत कटिहार के मनिहारी बॉर्डर के पास है। हर बार अपराधी उनकी फसल लूटकर ले जाते हैं। कुछ महीने पहले सरसों की फसल अपराधियों ने काट ली थी। अब गेहूं-मक्का की फसल उनके भैंसों से चरवा दी गई। उनका कहना है कि पुलिस गश्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। किसानों की मेहनत से तैयार फसल उनके लिए सिरदर्द बन गई है।
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किसान दुलार मंडल ने बताया कि हमारी फसल पक चुकी है, लेकिन हम उसे काटने खेत नहीं जा सकते। अगर हम अपराधियों से भिड़ते हैं तो जान का खतरा बना रहता है। पुलिस अगर नियमित पेट्रोलिंग करे, तो हमें थोड़ी हिम्मत मिल सकती है।


 
खेती छोड़ने को मजबूर किसान, मजदूरी कर चला रहे परिवार
किसान इतवारी मंडल का कहना है कि उन्होंने खेती छोड़ दी है, क्योंकि अपराधियों के डर से वे अपने खेतों में जा ही नहीं सकते। हम कर्ज लेकर खेती करते थे, लेकिन जब फसल पकती थी तो अपराधी उसे काटकर ले जाते थे। इससे हम हमेशा कर्ज में डूबे रहते थे। अब हमने खेती छोड़ दी और मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं। अगर हालात नहीं बदले तो जल्द ही बाकी किसान भी यही करने पर मजबूर होंगे।


 
पुलिस की निष्क्रियता से नाराज किसान, सुरक्षा की मांग
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन सिर्फ चुनावी समय में पुलिस गश्त करवाता है, लेकिन फसल कटाई के वक्त उनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं करता। कुछ समय पहले प्रशासन ने दियारा क्षेत्र में घुड़सवार दस्ते की तैनाती की बात कही थी, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई। नतीजा यह है कि फसल कटाई के मौसम में अपराधियों का उत्पात बढ़ जाता है और पुलिस का कोई अता-पता नहीं रहता।
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प्रशासन ने दिया सुरक्षा का आश्वासन
इस संबंध में कहलगांव एसडीपीओ डॉ. अर्जुन कुमार गुप्ता ने बताया कि एकचारी, बाखरपुर और पीरपैंती थाना क्षेत्र का कुछ हिस्सा दियारा इलाके में आता है, जहां बड़े पैमाने पर फसल तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि फसल कटाई को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ाई जा रही है। मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। दियारा क्षेत्र में वाहन से गश्त संभव नहीं है, इसलिए घुड़सवार दस्ते की तैनाती के लिए आग्रह किया गया है। पुलिस की निगरानी में किसानों को फसल कटाई की सुरक्षा दी जाएगी। अगर कोई अपराधी फसल लूटने की कोशिश करेगा, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
 
किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो दियारा क्षेत्र में खेती करना मुश्किल हो जाएगा। अन्नदाता अपने हक की लड़ाई लड़ते-लड़ते हारने लगे हैं और खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

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