बेगूसराय जिले के तेघड़ा में सोमवार शाम गैस सिलेंडर में धमाके के बाद लगी आग से दो परिवारों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। घटना तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 27 स्थित मधुरापुर दक्षिण टोल की है। पीड़ित सोनाली देवी के अनुसार, वह चाय बनाने के लिए चूल्हे पर बर्तन चढ़ाने गई थीं, तभी अचानक सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ। आग पड़ोसी पिंटू सिंह के घर तक भी पहुंच गई। नकदी, जेवर, कपड़े और घरेलू सामान नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से सहायता और गैस एजेंसी से मुआवजे की मांग की है।
चाय बनाने के लिए बर्तन चढ़ाया, तभी हुआ धमाका
घटना तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 27 स्थित मधुरापुर दक्षिण टोल की है। पीड़ित मनीष सिंह की पत्नी सोनाली देवी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब चार बजे वह चाय बनाने के लिए चूल्हे पर बर्तन चढ़ाने गई थीं। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ और घर में आग फैल गई।
धमाके की आवाज सुनकर इलाके में अफरातफरी मच गई। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। घर में रखा सामान बचाने के लिए परिवार को पर्याप्त समय नहीं मिल सका। देखते ही देखते नकदी, कीमती जेवर, कपड़े और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं जलकर नष्ट हो गईं।
पड़ोसी का घर भी आग की चपेट में आया
आग की लपटें पास में रहने वाले पिंटू सिंह के घर तक पहुंच गईं। उनके घर में रखा सामान भी जलकर नष्ट हो गया। इस घटना में दोनों परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी गृहस्थी उजड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग और तेघड़ा थाना पुलिस को जानकारी दी। अग्निशमन वाहन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, तब तक ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया था।
जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
घटना के बाद कांग्रेस नेता दीपक सिंह, भाजपा नेता कृष्णनंदन सिंह और वार्ड पार्षद राहुल कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया और तेघड़ा के अंचल अधिकारी को घटना की जानकारी दी।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता देने की मांग की। साथ ही भारत गैस एजेंसी से भी हुए नुकसान के एवज में उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई गई।
दो परिवारों की गृहस्थी उजड़ी, अब मुआवजे का इंतजार
इस हादसे ने दोनों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। घर में रखा जरूरी सामान नष्ट होने से उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अब पीड़ित परिवारों को प्रशासनिक सहायता और मुआवजे का इंतजार है। नुकसान का आकलन कब होगा और गैस सिलेंडर में धमाके की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।