बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है। अचानक रात से करीब डेढ़ फीट पानी बढ़ने के कारण रातगांव पंचायत के भगवानपुर चक्की के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं, आधारपुर पंचायत के अजगर बर के समीप गुप्ता बांध तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से दियारा क्षेत्र के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तेघड़ा के प्रसिद्ध अयोध्या मिथिला गंगा घाट तक जाने वाले रास्ते पर भी गुप्ता बांध के समीप पानी पहुंच गया है। इसके कारण स्थानीय नाविकों ने नावों का संचालन शुरू कर दिया है। घाट पर शवों का दाह संस्कार करने पहुंचने वाले लोगों को अब गंगा घाट तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
महादेव घाट और बजलपुरा घाट के समीप भी गंगा का पानी गुप्ता बांध तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में लगी फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। करीब सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, जनेर और ढैंचा की फसल पानी में डूब गई है। यही स्थिति बरौनी-2 पंचायत और निपनिया-मधुरापुर पंचायत के कई इलाकों में भी बनी हुई है।
पानी में फसल डूबने के बाद किसान मक्का और जनेर की फसल काटकर पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो खेतों में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में पशु चारे की भी भारी किल्लत की आशंका है।
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रातगांव पंचायत के वार्ड 13 के सदस्य मो. इब्राइल, वार्ड 14 के सदस्य उदय महतो, तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड 15 के पार्षद प्रतिनिधि रोशन कुमार, वार्ड 26 के पार्षद प्रतिनिधि अमित कुमार, बरौनी-2 पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि देवराज सिंह, निपनिया-मधुरापुर पंचायत के मुखिया चंद्रभूषण सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह ने प्रशासन से सतर्कता बढ़ाने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि गंगा के जलस्तर में जिस तेजी से वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए संभावित बाढ़ से निपटने के लिए अभी से तैयारी जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में राहत शिविर और मेडिकल टीम की तैनाती करने तथा आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है।