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Oppoisitin Meeting : एक और घटक घटा; घोषणा 18 की, आए 15, साथ रहे 14 दल; इसलिए सवाल-जवाब नहीं

Fri, 23 Jun 2023 08:42 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : देशभर के भाजपा-विरोधी दलों का जुटान होना था। कश्मीर से कन्याकुमारी तक की पार्टियां आईं भी। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन रखा गया, लेकिन भाषण देकर नेता उठ गए। वजह अंदरूनी थी।
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बैठक में आप से दूर कांग्रेस, मीडिया के सामने तो तख्तियां भी हट गईं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शुक्रवार को पटना में भाजपा-विरोधी दलों की बैठक हुई। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन था। ढाई बजे इसकी तैयारी थी, लेकिन चार बजे के बाद शुरू किया गया। शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की। पत्रकारों ने सवाल पूछना चाहा तो कहा गया कि पहले सभी नेता बोल लेंगे, फिर प्रश्न लेंगे। लेकिन, ऐसा कुछ हुआ नहीं। सबसे अंत में राजद अध्यक्ष ने राहुल गांधी की शादी की बात छेड़ी और माहौल हल्का होते ही अचानक सभी एक साथ उठ गए। उठने की वजह थी वह दो तख्तियां जो अचानक हटाई गईं। 

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दो तख्तियों के कारण जवाब से भागे
शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन के नाम पर विपक्षी दलों के नेता भाषण देकर उठ गए। सवाल-जवाब नहीं लिया। सवालों के जवाब का भरोसा जरूर दिलाया था, लेकिन जवाब नहीं देने के संकेत भी पहले दे दिए थे। नेताओं ने बोलना शुरू किया तो बाकी बातों के साथ पत्रकारों पर भी कटाक्ष किया कई लोगों की नजर में खबर यह नहीं होगी कि कितने दल जुटे, बल्कि यह होगी कि कितने नहीं आए। सभी मानसिक रूप से तैयारी करते हुए आए थे, क्योंकि प्रेस कांफ्रेंस वाली जगह से दो तख्तियां अचानक हटाई गई थीं। बीच में बैठे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व पार्टी के नंबर वन नेता राहुल गांधी की तख्तियां रह गईं, जबकि दूसरी तरफ से आम आदमी पार्टी के दोनों मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान की तख्तियां अचानक हटा दी गईं।
 

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बैठक में आप से दूर कांग्रेस, मीडिया के सामने तो तख्तियां भी हट गईं। - फोटो : अमर उजाला
राहुल जाने वाले थे, चले गए आप के दोनों सीएम
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ढाई बजे निकलने और चार बजे दिल्ली में रहने की सूचना मीडिया को दी गई थी। ढाई बजे बैठक खत्म होने की सूचना बाहर आ भी गई। उम्मीद थी कि चार नेता संवाददाता सम्मेलन करेंगे। लेकिन, हो गया कुछ और। अचानक राहुल गांधी नजर आए तो मीडियाकर्मी भी चौंक गए। इधर राहुल बैठ रहे थे और उधर केजरीवाल-भगवंत की तख्तियां समेटकर हटाई जा रही थीं। तभी पक्का हो गया कि केजरीवाल जिस अध्यादेश को लेकर कांग्रेस का हाथ अपने साथ चाहते थे, उसपर बात नहीं बनी और वह निकल गए। बाद में यह बात साफ भी हुई कि मीडिया के सवालों का जवाब दिए बगैर निकल लेने की एक बड़ी वजह यह भी थी और दो नेताओं ने दलों के घटने की बात पर मीडिया को निशाना क्यों बनाया। 

18 की घोषणा थी, मगर रह गए 14
जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बार-बार जोर देकर कहा था कि पहली बार 18 दल जुट रहे हैं। बैठक के पहले इनकी संख्या घटकर 15 रह गई। शुक्रवार को बैठक में आम आदमी पार्टी ने जिस तरह अध्यादेश पर कांग्रेस के समर्थन बगैर उसके साथ किसी डील पर हामी से इनकार किया है, उससे संख्या घटकर 14 रह गई। इस 14 को वापस 15 पर लाने के लिए कांग्रेस को आप से डील करनी होगी, जिसकी उम्मीद निकट भविष्य में नहीं दिख रही है।
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