भागमभाग भरी जिंदगी में थकना मना है। रुकना मना है। लेकिन, कई बार ऐसा लगता है कि थोड़ा वक्त को खुद को देना ही चाहिए। कुछ वक्त अपने साथ गुजारना ही चाहिए। खुद को समझाना नहीं, खुद को समझना भी चाहिए। “लाखों सदमे ढेरों गम, फिर भी नहीं हैं आंखें नम। एक मद्दत से रोए नहीं, क्या पत्थर के हो गए हम”- अदब और तहजीब की महफिल में बैठकर अगर आप रूबरू होना चाहते हैं ऐसी बातों से तो रविवार की शाम अपने नाम कर सकते हैं। पटना लिटरेचर फेस्टिवल के तहत रूबरू-6 के दरम्यान ऐसी ही बातें होंगी।
नगमा सहर
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बात करने के लिए पटना में होंगे ये
बिहार म्यूजियम में रविवार शाम आयोजित हो रहे रूबरू के बारे में एडवांटेज सपोर्ट के सेक्रेट्री खुर्शीद अहमद बताते हैं कि "जानेमाने शायर अज़्म शाकिरी और इश्क वाली शायरी के लिए मशहूर सपना मूलचंदानी को एक साथ देखने-सुनने का यह बेमिसाल मौका होगा। इस प्रोग्राम को होस्ट करेंगी प्रख्यात एंकर नगमा सहर। तीनों ही ऐसे नाम हैं, जिनकी बातें दिल से निकलती हैं और दिल में पहुंचकर ही मुकाम पाती हैं।" इन तीनों शख्सियतों की खूबियों को जानने वाले जानते हैं और नहीं जानने वाले गूगल पर सर्च करते ही समझ जाते हैं। तीन ऐसी शख्सियतों को एक साथ पटना में एक स्टेज पर किसी संजीदा कार्यक्रम में शिरकत करते हुए देखने के लिए भारी तादाद में लोग आ रहे हैं, इसलिए पास के आधार पर एंट्री की व्यवस्था की गई है।
अज़्म शाकिरी
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शहर की हस्तियां इसके लिए एक्टिव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के जल संसाधन और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा हैं, जबकि गेस्ट ऑफ ऑनर बिहार म्यूजियम के निदेशक और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह होंगे। पटना लिटरेचर फेस्टिवल के तहत इस आयोजन को लेकर एडवांटेज सपोर्ट के प्रेसिडेंट और सुप्रसिद्ध सर्जन डॉ. ए. ए. हई इस उम्र में भी एक्टिव हैं। पटना लिटरेचर फेस्टिवल के चेयरमैन फैज़ान अहमद के अलावा इस कार्यक्रम को सफल बनाने में चंद्रकांता खान, फरहत हसन, अनूप शर्मा, एज़ाज़ हुसैन, शिवजी चतुर्वेदी, डॉ. राकेश रंजन, बी. के चौधरी, फराह खान, फहीम अहमद आदि भी दिन-रात एक किए हुए हैं।