अश्विनी कुमार चौबे (फाइल फोटो)
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केंद्रीय मंत्री और बक्सर सांसद अश्विनी कुमार चौबे को आचार संहिता उल्लंघन मामले में स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी है। इस बार भी भाजपा से बक्सर के उम्मीदवार चौबे पर एसडीएम केके उपाध्याय के साथ दुर्व्यवहार मामले में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया था। ज्यादा वाहनों के साथ उनके काफिले को रोके जाने पर उन्होंने एसडीएम से दुर्व्यवहार किया था, जिसके बाद एसडीएम ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
अश्विनी चौबे और भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह सहित 150 लोगों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। एसडीएम उपाध्याय ने चौबे के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं।
बता दें कि बीते शनिवार की शाम को बक्सर के किला मैदान में एसडीएम केके उपाध्याय से न सिर्फ उलझ गए बल्कि उन्हें काफी भला-बुरा भी कहा था। इस दौरान बिना दबाव के एसडीएम मंत्री को कानून उल्लंघन की बात समझाने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए थे।
जब अश्विनी चौबे की गाड़ी मैदान से बाहर निकलने लगी तो एसडीएम ने उन्हें रोका था। इससे नाराज चौबे गुस्से में गाड़ी के अंदर से ही चिल्लाने लगे। उन्होंने कहा था, 'क्या बात है बोलो। किसकी मां की मजाल है कि गेट बंद कर दे। मुझे हथकड़ी लगवाओगे, लो लगा दो। खबरदार तमाशा मत करिए आप लोग। किसका आदेश है।'
इसपर एसडीएम ने सफाई देते हुए कहा था कि चुनाव आयोग का आदेश है। बिना इजाजत वाली गाड़ियों को जब्त करना है। यह सुनकर मंत्री ने कहा था कि मेरी गाड़ियां हैं और तुम इन्हें जब्त नहीं कर सकते हो।