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बिहार में छह कुलपतियों की नियुक्ति रद्द

Sat, 08 Dec 2012 01:49 PM IST
पटना/इंटरनेट डेस्क
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पटना हाईकोर्ट ने राज्य के छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और चार विश्वविद्यालयों के प्रति कुलपतियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। नियुक्ति रद्द करने की वजह नियुक्ति से पूर्व राज्य सरकार से परार्मश न कर नियमों का उल्लंघन करना बताया गया है। साथ ही राजभवन को तीस दिनों के भीतर नये सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया है।
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जिन कुलपतियों की नियुक्ति रद्द की गई है उनमें पटना विवि के कुलपति डॉ. शुभुनाथ सिंह भी शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश रेखा एम दोशित और ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। एसएनएस कॉलेज, मोतिहारी के रिटायर्ड प्रोफेसर जर्नादन प्रसाद सिंह और वीर कुंवर सिंह विवि, आरा के प्रोफेसर राम तवज्ञा सिंह ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की थी।

खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि कुलाधिपाति ने राज्य सरकार से बिना परार्मश किये ही नियुक्ति की थी। यह बिहारी विवि अधिनियम, 1976 की धारा 10-2 और पटना विवि अधिनियम, 1976 की धारा 11 व 14 का उल्लंघन है। इसलिए इनकी नियुक्ति को रद्द किया जाता है। साथ ही खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता खुद आवेदक नहीं बन सकते और उनके नामों पर विचार भी नहीं किया जा सकता।
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खंडपीठ ने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान कुलाधिपति कार्यालय अपना पक्ष साबित नहीं कर पाया। कुलाधिपाति की ओर से कहा गया था कि नियुक्ति के संबंध में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से परार्मश किया गया था। लेकिन कार्यालय इसके कोई प्रमाण नहीं दे पाया। कुलाधिपति देवानंद कुंवर ने एक अगस्त, 2011 को छह कुलपतियों और चार प्रति कुलपतियों की नियुक्ति की थी। कुलपति इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने उनके वित्तीय अधिकारों को बहाल कर दिया है। साथ ही हाईकोर्ट को पूरे मामले की सुनवाई जल्द और खुद करने का निर्देश दिया है।
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