एक वक्त था जब बिहार की राजनीति में मुन्ना शुक्ला की तूती बोलती थी। उनकी पत्नी अन्नू शक्ला लालगंज से विधायक रहीं। फिर एक दिन जेडीयू ने उनको वैशाली से टिकट देने से इंकार कर दिया।
इस बात से अन्नू इतनी खफा हुईं कि उन्होंने पार्टी छोड़ कर वैशाली से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। अन्नू जीतने के लिए हर हथकंडा अपना रही हैं। उन्होंने एक जनसभा में जनता से भावुक अपील करते हुए कफन ओढ़ लिया।
कफन ओढ़ कर मांगे वोट
अन्नू शुक्ला ने वैशाली में एक जनसभा के दौरान खुद पर सफेद कपड़ा डाल लिया। उन्होंने आंखों में आंसू लेकर जनता से अपील कर डाली वोटों की।
उन्होंने खुद पर कफन डाला और मरने की बात करने लगीं। भीड़ में हलचल थी, लोग उनको देख रहे थे, कुछ हंस रहे थे और कुछ भावुक थे।
काफी देर तक ये सब चलता रहा, भीड़ से एक बुजुर्ग उठे और अन्नू शुक्ला से वो कपड़ा छीना, भीड़ ने भी हाथ उठा कर समर्थन जताया, तब जाकर अन्नू शांत हुईं।
आखिर कौन हैं अन्नू शुक्ला
बिहार के बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की पत्नी अन्नू शुक्ला लालगंज की विधायक हैं। अन्नू वैशाली लोकसभा सीट से टिकट मांग रही थीं, इस मांग को नीतीश ने ठुकरा दिया जिससे खफा होकर अन्नू ने पार्टी छोड़ दी।
34 साल की अन्नू 12वीं पास हैं और उन पर भी कई आपराधिक मामले चल रहे हैं। अन्नू पर आईपीसी की धारा 147, 148, 447, 427, 379 के तहत मामले चल रहे हैं।
2010 में उन्होंने जेडीयू के टिकट पर जीत दर्ज कराई थी। उन पर जेडीयू में रहते हुए अपने पति की मदद के भी आरोप लगे थे।
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मुन्ना शुक्ला फिलहाल पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में जेल में हैं। उन पर जेल से रंगदारी मांगने का भी आरोप लगा था।
2005 में उन्होंने लोकजनशक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था और बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे। अक्तूबर 2005 में वो फिर से विधायक बने जेडीयू के टिकट पर।
लालगंज सीट पर उनके जेल जाने के बाद उनकी पत्नी अन्नू शुक्ला को जेडीयू ने लड़ाया और वो जीत भी गईं।
जेल में रहकर भी मुन्ना शुक्ला चर्चा में रहते हैं। कभी बैरक से सिम मिलने के कारण और कभी रंगदारी मांगने के कारण।