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10वीं-12वीं में फेल: पिता ने मारा ताना तो आईआईटी पहुंचे, आईपीएस मोहिबुल्लाह को अमेरिका देगा एशियन हीरो सम्मान

Sun, 27 Sep 2026 06:02 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार के मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह को पुलिस सेवा और समाज कल्याण में योगदान के लिए अमेरिका में ‘द एशियन हीरो अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया जाएगा।

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मोहिबुल्लाह अंसारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बिहार कैडर के 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहिबुल्लाह अंसारी को अमेरिका में प्रतिष्ठित ‘द एशियन हीरो अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया जाएगा। मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी अंसारी को यह सम्मान उनकी शानदार पुलिस सेवा, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और समाज के लिए किए जा रहे कामों के लिए दिया जा रहा है। खास बात यह है कि सिवान के रहने वाले मोहिबुल्लाह कभी पढ़ाई में इतने कमजोर थे कि 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए थे। आज वही मोहिबुल्लाह IIT दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद IPS अधिकारी हैं और अब अमेरिका में सम्मानित होने जा रहे हैं।

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पिता के ताने को बनाया जिंदगी बदलने का लक्ष्य
स्कूल के दिनों में मोहिबुल्लाह का पढ़ाई में प्रदर्शन अच्छा नहीं था। 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने के बाद उनके पिता ने उन्हें ताना मारते हुए कहा था कि सपना तो IIT में पढ़ने का देखते हो, लेकिन पहले इतने नंबर तो ले आओ कि परीक्षा पास कर सको। पिता की यह बात मोहिबुल्लाह को चुभ गई। उन्होंने इसे चुनौती के तौर पर लिया और अपनी पूरी ताकत पढ़ाई में लगा दी।

दिन-रात मेहनत कर JEE में हासिल की कामयाबी
मोहिबुल्लाह ने लगातार मेहनत की और देश की मुश्किल परीक्षाओं में शामिल JEE मेन और JEE एडवांस्ड को पास कर लिया। उनकी मेहनत का नतीजा यह रहा कि उन्होंने IIT दिल्ली में दाखिला लिया। साल 2015 में उन्होंने यहां से केमिकल इंजीनियरिंग में BTech की डिग्री पूरी की। जिस छात्र को कभी परीक्षा में फेल होने का सामना करना पड़ा था, उसने कुछ ही वर्षों में देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान तक का सफर तय कर लिया।
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IIT के बाद मिली कॉर्पोरेट नौकरी, लेकिन मन नहीं लगा
IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोहिबुल्लाह ने एक IT कंपनी में नौकरी की। उनके पास अच्छी नौकरी थी और कॉर्पोरेट की आरामदायक जिंदगी भी थी। इसके बावजूद उन्हें यह जीवन पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पा रहा था। वह ऐसा काम करना चाहते थे, जिसमें सीधे तौर पर देश और समाज की सेवा करने का मौका मिले। इसी सोच ने उन्हें सिविल सेवा की ओर जाने के लिए प्रेरित किया।

UPSC में दो बार मिली नाकामी, डिप्रेशन से भी जूझे
मोहिबुल्लाह ने नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन मंजिल इतनी आसानी से नहीं मिली। उन्हें लगातार दो बार असफलता का सामना करना पड़ा। बार-बार मिल रही नाकामी का असर उनकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ा और वह गंभीर डिप्रेशन के दौर से गुजरे। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा और तैयारी जारी रखी।

आखिरकार 2020 में पूरा हुआ IPS बनने का सपना
लगातार असफलताओं के बाद मोहिबुल्लाह की मेहनत आखिरकार रंग लाई। सिविल सेवा परीक्षा 2020 में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 389वीं रैंक हासिल की और अपने IPS बनने के सपने को पूरा किया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारी संभाली और अब मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी के पद पर कार्यरत हैं।

मुजफ्फरपुर में कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर
सिटी एसपी के तौर पर मोहिबुल्लाह अंसारी कम्युनिटी पुलिसिंग पर खास ध्यान दे रहे हैं। वह लोगों की समस्याएं सीधे सुनने की कोशिश करते हैं और पुलिस तथा आम लोगों के बीच बेहतर संवाद पर जोर देते हैं। वहीं, अपराधियों के खिलाफ उनका रुख सख्त बताया जाता है। पुलिस सेवा में उनकी ईमानदारी, सार्वजनिक सेवा और नेतृत्व क्षमता को उनके सम्मान के प्रमुख कारणों में बताया जा रहा है।

अमेरिका में 13 दिसंबर को मिलेगा सम्मान
मोहिबुल्लाह अंसारी को अमेरिका में ‘द एशियन हीरो अवॉर्ड 2026’ दिया जाएगा। यह सम्मान उन्हें पुलिस सेवा में उनकी छवि, ईमानदारी, पब्लिक सर्विस, नेतृत्व और समाज कल्याण में योगदान के लिए दिया जा रहा है। आगामी 13 दिसंबर को फ्लोरिडा के टांपा शहर में आयोजित होने वाले सातवें ‘वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल 2026’ के दौरान उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

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फेल होने से लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मान तक का सफर
मोहिबुल्लाह की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनका सफर सीधे सफलता तक नहीं पहुंचा। स्कूल में फेल होने से लेकर IIT में पढ़ाई, कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने, UPSC में लगातार दो असफलताओं और डिप्रेशन से जूझने के बाद उन्होंने आखिरकार IPS की वर्दी पहनी। अब उनकी पुलिस सेवा को अमेरिका के एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलने जा रहा है।

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