फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: बिहार में अब AI बताएगा किसकी कितनी जमीन, भूमि सर्वे होगा स्मार्ट; डिप्टी CM का एलान

Sun, 15 Mar 2026 07:34 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News: बिहार में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। हर जिले के बंदोबस्त कार्यालय में एआई सेल बनाया जाएगा और 1 अप्रैल 2026 से एआई आधारित टूल्स के इस्तेमाल की शुरुआत होगी।
विज्ञापन
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रविवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के उपयोग से राज्य में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर राजस्व प्रशासन को मजबूत किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को जमीन से जुड़े मामलों में सरल और त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।

विज्ञापन


बंदोबस्त कार्यालयों में बनेगा एआई सेल
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने राज्य के सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। निदेशक सुहर्ष भगत द्वारा जारी पत्र के अनुसार जिलों के बंदोबस्त कार्यालयों में विशेष एआई सेल का गठन किया जाएगा। यह सेल विशेष सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यक्रमों में एआई तकनीक के संभावित उपयोग पर काम करेगा।
इस समिति की अध्यक्षता बंदोबस्त पदाधिकारी करेंगे, जबकि आईटी प्रबंधक, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (आईटी/इंजीनियरिंग), विशेष सर्वेक्षण कानूनगो और विशेष सर्वेक्षण अमीन इसमें सदस्य होंगे।
विज्ञापन


हर सप्ताह होगी बैठक
निर्देश के अनुसार एआई सेल की बैठक प्रत्येक शनिवार को दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक बंदोबस्त कार्यालय में आयोजित की जाएगी। यह समिति जिला स्तर पर एआई के उपयोग से जुड़े निर्णय लेने, कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए नामित करने और एआई पाठ्यक्रम लागू करने का काम करेगी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले कर्मियों को परीक्षा के बाद प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।

1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा एआई का उपयोग
निदेशालय ने 1 अप्रैल 2026 से बंदोबस्त कार्यों में एआई आधारित टूल्स के प्रारंभिक उपयोग का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए संबंधित कर्मियों को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह पहल भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन और राज्य में चल रहे बिहार एआई मिशन के अनुरूप राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में की जा रही है।

त्रुटियों की पहचान और मॉनिटरिंग होगी आसान
एआई तकनीक के इस्तेमाल से भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों की गति बढ़ेगी। साथ ही संभावित त्रुटियों या अनियमितताओं की पहचान करना भी आसान होगा। सरकार का मानना है कि इससे तय समय सीमा में सभी स्तरों के सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को पूरा करना संभव हो सकेगा।

ये भी पढ़ें: 120 साल पुरानी मढ़ौरा चीनी मिल को फिर से जिंदा करने की तैयारी, तमिलनाडु के निवेशकों ने किया निरीक्षण
विज्ञापन


‘सात निश्चय–3’ के लक्ष्य को मिलेगा बल
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एआई टूल्स के उपयोग को बढ़ावा देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को साकार करने में राजस्व प्रशासन अग्रणी भूमिका निभाए।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें