कोतवाली थाना में बिहार सरकार के खिलाफ FIR करवाने पहुंचे भाजपा नेता।
- फोटो : अमर उजाला
बिहार भाजपा के विधाससभा मार्च पर लाठीचार्ज के बाद शुरू हुआ सियास घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। भाजपा लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। सिविल कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में नीतीश सरकार के खिलाफ केस करने के बाद अब पटना के कोतवाली थाने में केस हुआ है। 16 जुलाई यानी रविवार को भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री नीरज सिंह बबलू, विधायक जीवेश कुमार और राजेश सिंह राजू कोतवाली थाना पहुंचे। राजेश सिंह राजू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत 8 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ हत्या एवं अन्य आरोपों में लिखित आवेदन दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि 13 जुलाई को लाठीचार्ज के बाद पीएमसीएच में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने खुद सीएम नीतीश कुमार पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाने की बात कही थी। लेकिन, 3 दिन बीत जाने के बावजूद उन्होंने अपने नाम से अब तक आवेदन नहीं दिया।
अचानक पुलिसकर्मी आए और हमला कर दिया
इस आवेदन में राजेश सिंह राजू ने लिखा कि भाजपा के लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण कार्यक्रम विधान सभा तक मार्च जो कि राज्य सरकार की गलत शिक्षा निति एवं अनेक जनविरोधी कार्यकलापों को जनता के समक्ष उजागर करने के लिए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन हेतु निकाला जाना था। इसमें शामिल होने के लिए मैं अपने निवास स्थान से गांधी मैदान पहुंचा। यहां पर भाजपा के नेताओं का जिसमें बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता सम्राट चौधरी, बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता एवं विधान सभा सदस्य विजय कुमार सिन्हा एवं अनेक पूर्व मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं विधान पार्षदगण उपस्थित थे। उन्होंने सभा को संबोधित किया एवं सभी ने उस मार्च में शामिल होने वाले सभी लोगों से अपील की कि यह मार्च बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जाना है एवं सभी अनुशासित होकर जायेंगे। यहां यह भी बताया गया कि गांधी मैदान से निकल कर यह मार्च जेपी गोलम्बर होते हुए एसपी वर्मा मोड से होते हुए बाटा मोड़ से मुड़कर डाक बंगला चौराहा के तरफ जाएगा। वहां से बेली रोड होते हुए आगे तक जाना है। इसी अनुसार इस मार्च में भाग लेने वाले सभी नेतागण एवं कार्यकर्तागण एवं आम जनता के शामिल लोग धीरे-धीरे आगे बढ़न सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और हम धीरे-धीरे बलते हुए डाक बंगला चौराहा के तरफ बढ़ते हुए सेंट्रल मॉल के नजदीक पहुंचे कि कुछ पदाधिकारी जो खास कुछ पुलिस पदाधिकारी सादे ड्रेस में थे। कुछ लोग अपने नाम का बैच नहीं लगाये हुए थे। हमारे पास आए और लाठियों से हमला कर दिया।
सीएम नीतीश कुमार समेत 8 के खिलाफ शिकायत
राजेश सिंह राजू ने लिखा कि हमलोगों को चारों तरफ से घेरकर पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने लाठियों से पीठ में, पेट, बांह और सिर पर जानबूझकर पीटा। ऐसा लग रहा था कि उनकी नीयत हमें जान से मारने की है। पुलिस की लाठी से अपना सिर बचाने में मेरे हाथ की हड्डी टूट गई। राजेश सिंह राजू ने अपने आवेदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह, एसएसपी राजीव मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी खांडेकर श्रीकांत कुंडालिक, शशि भूषण कुमार, सहकारिता प्रसाद पदाधिकारी मसौढ़ी, एएसपी काम्या मिश्रा पर आरोप लगाया। कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा जान बूझकर एक सोची समझी साजिश के तहत भाजपा नेताओं को सबक सिखाने के लिए हमारी पिटाई की गई। अपील है कि इनके खिलाफ IPC की धारा 307, 324, 120बी/34 के तहत FIR दर्ज करें।