पूर्व रेल मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पार्टी के साथ जनता दल यूनाईटेड (JDU) का अंदरूनी रिश्ता कैसा है, इसपर अलग-अलग तरह की बातें सामने आती रही हैं। लेकिन, शुक्रवार को जिस तरह दोनों दलों ने लगभग एक समय अपने दफ्तर के पुराने होर्डिंग-पोस्टर को हटाया- यह कुछ और ही कहानी कहता है। उससे भी अलग कहानी राजद के पोस्टर में है, जिसके जरिए पार्टी ने अपना लक्ष्य स्पष्ट किया है।
लालू और उनके लाल का एक ही लक्ष्य
इस बार बिहार की महागठबंधन सरकार के बनने के दिन ही राजभवन के बाहर राजद कार्यकर्ता इस बात को लेकर उत्साहित थे कि आने वाले समय में तेजस्वी यादव बिहार की कमान संभालेंगे। अबतक यह हुआ तो नहीं, लेकिन पार्टी का लक्ष्य बिहार है- यह नए पोस्टर से साफ दिख रहा है। पटना में 23 जून के बाद 17-18 जुलाई को बेंगलुरू में विपक्षी एकता को लेकर बैठक हुई थी, जिसके बाद पोस्टर बदलाव को लेकर उम्मीद की जा रही थी कि लक्ष्य दिल्ली की कुर्सी से जुड़ा दिखा होगा। लेकिन, लालू यादव की पार्टी ने केंद्र में सरकार बनाने को लक्षित कर पोस्टर नहीं लगवाया है। पार्टी के पोस्टर में "एक ही लक्ष्य, एक विचार...राष्ट्र का गौरव बने बिहार” लिखा गया है। इसमें अलग से समझने वाला कुछ नहीं है। एक लाइन में बता दिया गया है कि बिहार को राष्ट्र का गौरव बनाना ही पार्टी का लक्ष्य और विचार है। इस लक्ष्य को पार्टी हासिल कैसे करेगी, यह समझना बहुत मुश्किल नहीं है।
राजद के पोस्टर में राबड़ी-तेज प्रताप नहीं
सरकार में लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम हैं। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव दो साल पहले तक पार्टी के कामकाज में दखल भी देते नजर आते थे, लेकिन अब वह अपने विभाग से बाहर ज्यादा मतलब नहीं रखते। विभागीय सक्रियता के अलावा वह सोशल मीडिया या मीडिया में ही नजर आते हैं। पार्टी में उनकी दखल नहीं होने का प्रमाण इस पोस्टर में भी नजर आता है। वह भी इस मुख्य पोस्टर में नहीं हैं और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी नहीं। एक समय पार्टी के पोस्टरों में तेजस्वी बहुत प्रभावी नजर आने लगे थे, उनका भी अकेला प्रभाव नहीं है। लालू प्रसाद इस पोस्टर में तेजस्वी से ज्यादा प्रभावी नजर आ रहे हैं।
एक दिन पहले लालू ने केंद्र सरकार पर बोला था हमला
एक दिन पहले ही मणिपुर मामले को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी इस मामले में केंद्र सरकार पर
जमकर हमला बोला था। लालू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मणिपुर में लोकतंत्र, लोकलाज, विश्वास, संस्कृति, सौहार्द, संवाद और मानवता का सरेआम कत्ल हो रहा है। नफ़रत और हिंसा फैलाने वाली पार्टी के लोग कंबल ओढ़ कर घी पी रहे है। इन लोगों को प्रेम, सौहार्द, इंसानियत, सामाजिक एकता एवं भारतीय सभ्यता से कोई लेना-देना नहीं है। मणिपुर में जो हो रहा है वह शर्मनाक है।